
Neelam Ratna Benefits: रत्न शास्त्र में नीलम को बहुत ही शक्तिशाली रत्न माना जाता है। मान्यता है कि यह रत्न जिस व्यक्ति को अनुकूल हो जाए, उसके जीवन में तरक्की, धन और सम्मान के नए रास्ते खुल सकते हैं। वहीं यदि इसे बिना उचित सलाह या जानकारी के पहना जाए, तो इसके विपरीत परिणाम भी देखने को मिल सकते हैं। इसलिए नीलम पहनने से पहले कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बेहद आवश्यक माना जाता है। आगे जानिए नीलम से जुड़ी 5 बातें...
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ज्योतिष शास्त्र के अनुसार नीलम हर व्यक्ति को शुभ फल नहीं देता। इसे पहनने से पहले किसी योग्य ज्योतिषी को अपनी कुंडली दिखवाना बेहतर है। ग्रहों की स्थिति के आधार पर ही यह तय किया जाता है कि नीलम आपके लिए शुभ रहेगा या नहीं।
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मान्यता है कि नीलम का प्रभाव काफी तेज होता है। इसलिए कई ज्योतिषाचार्य इसे सीधे पहनने की बजाय पहले 2 से 3 दिन तक परीक्षण के तौर पर अपने पास रखने या कपड़े में बांधकर रखने की सलाह देते हैं। यदि इस दौरान कोई निगेटिव अनुभव न हो, तभी इसे पहनना शुभ होता है।
नीलम को शनिवार के दिन, शनि पूजा के बाद पहनना शुभ माना जाता है। इसे पहनने से पहले गंगाजल या कच्चे दूध से शुद्ध कर भगवान शनि का स्मरण किया जाता है। सही धातु और उचित उंगली का चयन भी महत्वपूर्ण माना जाता है। गलत समय और विधि से पहना गया नीलम परेशानी बड़ा सकता है।
नीलम पहनने के बाद यदि लाइफ में पॉजिटिविटी और शुभ संकेतों का अहसास हो तो ही नीलम को पहने रखें और अगर लगातार मानसिक तनाव, असहजता या अन्य परेशानियां महसूस हों, तो बिना देर किए इसे उतार दें और किसी अनुभवी ज्योतिषी से सलाह लें।
आजकल बाजार में नकली नीलम धड़ल्ले से बेचे जा रहे हैं। इसलिए नीलम खरीदते समय असली-नकली की पहचान जरूर करें। साथ ही ये भी ध्यान रखें कि कितने रत्ती का नीलम आपके लिए सही है। कहीं से टूटा हुआ या दरार वाला नीलम न पहनें।
Disclaimer
इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।