
Pearl Stone Wrong Combination: रत्न शास्त्र के अनुसार हर रत्न किसी न किसी ग्रह से संबंधित होता है। जब दो विपरीत ऊर्जा वाले ग्रहों के रत्न एक साथ पहन लिए जाते हैं तो ये जीवन में गंभीर समस्याएं पैदा कर सकता है। कईं बार इन ग्रहों के अशुभ प्रभाव के कारण व्यक्ति डिप्रेशन में चला जाता है और अपने ही जीवन के लिए संकट खड़ा कर लेता है। मोती के साथ भी कुछ रत्नों को भूलकर नहीं पहनना चाहिए। ऐसा करना आपके जीवन के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।
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ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मोती का संबंध चंद्र ग्रह से है। चंद्रमा मन का कारक है। चंद्रमा शुभ हो तो मानसिक शांति बनी रहती है और अगर इसके रत्न मोती को विरोधी ऊर्जा वाले ग्रहों के रत्नों के साथ पहन लिया जाए तो व्यक्ति अवसाद यानी डिप्रेशन की स्थिति में जा सकता है। इस स्थिति में व्यक्ति खुद के जीवन के लिए खतरा बन सकता है।
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नीलम का संबंध शनि ग्रह से माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार चंद्र और शनि का स्वभाव एक-दूसरे के विपरीत माना गया है। जब ये दोनों ग्रह एक राशि में होते हैं तो विष योग बनता है। उसी प्रकार जब इन दोनों ग्रहों के रत्न साथ पहन लिए जाएं तो इससे मानसिक तनाव, डर और आर्थिक परेशानियां बढ़ सकती हैं।
गोमेद राहु ग्रह का रत्न माना जाता है। राहु और चंद्रमा का संबंध अच्छा नहीं माना जाता। राहु और चंद्रमा साथ हो तो ग्रहण योग बनाते हैं। ऐसी ही स्थिति इन दोनों के रत्नों के साथ बनती है। मोती के साथ गोमेद पहनने से व्यक्ति भ्रम, बेचैनी और मानसिक अस्थिरता का शिकार हो सकता है। कई ज्योतिषी इसे बेहद खतरनाक संयोजन मानते हैं।
लहसुनिया केतु ग्रह से जुड़ा रत्न है। केतु और चंद्रमा का मेल भी शुभ नहीं माना जाता। मोती के साथ लहसुनिया पहनने से जीवन में अचानक संकट, तनाव और नकारात्मकता बढ़ सकती है। कईं बार केतु और चंद्रमा का मेल दुर्घटना का कारण भी बन जाता है। इसलिए मोती के साथ लहसुनिया नहीं पहनना चाहिए।
Disclaimer
इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।