
Safe Drive Tips in Rain: बरसात का मौसम वाहन चलाने वाले लोगों के लिए सिरदर्द से कम नहीं होता है। इस समय देश में मानसून भी चल रहा है। ऐसे में गाड़ी ड्राइव करना काफी कठिन है। इस स्थिति में कुछ ड्राइवर ड्राइविंग के दौरान इमरजेंसी बटन दबाकर इंडिकेटर का इस्तेमाल करते हैं। उन्हें ऐसा लगता है कि इससे उनकी ड्राइविंग सेफ हो रही है, लेकिन ऐसा बिल्कुल भी नहीं है। दरअसल, कार में लगी इमरजेंसी इंडिकेटर का इस्तेमाल किसी और कारण से किया जाता है। इसके बाद भी यदि आप बारिश में इसका इस्तेमाल करते हैं, तो यह खतरे की घंटी हो सकती है।
बारिश में पहले के समय में गाड़ी चलाते समय इमरजेंसी इंडिकेटर का इस्तेमाल बस इस वजह से किया जाता था, क्योंकि उस वक्त हेडलाइट ज्यादा पावरफुल नहीं रहती थी। इस स्थिति में कम दिखने की वजह से गाड़ी में लगे हुए सभी 4 इंडिकेटर ऑन कर दिए जाते थे। इसके पीछे की मुख्य वजह दुर्घटना को कम करना था। लेकिन अब गाड़ियों की लाइट पूरी तरह से आधुनिक हो चुकी है। अब कर में एलईडी लाइट्स का इस्तेमाल किया जाता है। इससे बरसात में भी तेज रोशनी निकलती है।
अब आप कर ड्राइव करते समय बरसात के मौसम में भी फॉग लाइट का इस्तेमाल कर सकते हैं। ऐसा करने से गाड़ी के पास वाले एरिया में विजिबिलिटी बढ़ जाती है। गाड़ियों को दूर से ही आसानी से देखा जाता है। ऐसे में यदि आप इमरजेंसी इंडिकेटर का इस्तेमाल करते हैं, तो यह आपके लिए खतरा बन सकता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि आप साइड इंडिकेटर का इस्तेमाल नहीं कर पाते हैं। पीछे या सामने से आ रही गाड़ियों से टक्कर लगने की संभावना बढ़ जाती है। इसके अलावा यदि सामने वाली कार की इमरजेंसी इंडिकेटर ऑन है, उसे समय आप भी अपनी गाड़ी को टर्न करने में हिचकिचा जाते हैं।
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गाड़ी ड्राइव करते समय इमरजेंसी इंडिकेटर का इस्तेमाल उसे वक्त किया जाता है, जब आप अपनी कर को साइड में लगा रहे हैं। सड़क और हाइवे पर ऐसा करना जरूरी भी हो जाता है। इसके अलावा यदि रात के समय बीच रोड पर आपकी टायर पंचर हो जाए या गाड़ी में कोई तकनीकी खराबी आ जाए, उस स्थिति में भी आप इमरजेंसी इंडिकेटर को जलाकर रख सकते हैं। ऐसा करने से पीछे या आगे से आने वाले गाड़ियों को सिग्नल मिल जाता है और ठोकर लगने की संभावना नहीं होती है।
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