क्या 15 साल से ज्यादा पुरानी गाड़ी से कर सकते हैं कमाई? जानें स्क्रैप पॉलिसी कैसे करेगी काम

Published : Aug 21, 2025, 09:21 AM IST
Vehicle scrap policy

सार

15 Years Old Vehicle Rules: आपके पास भी 15 साल पुरानी गाड़ी मौजूद है और आपको उसका कुछ फायदा नहीं दिख रहा है तो स्क्रैपिंग पॉलिसी आपके काम आ सकती है। उसके अलावा आप इससे कमाई भी कर सकते हैं। आइए इसके बारे में हम आपको जानकारी देते हैं। 

Vehicle Scrap Policy: भारत में वाहन को लेकर कई सारे नियम-कानून बनाए गए हैं, जिसमें एक ये भी है कि 15 साल के बाद आप अपनी गाड़ी का इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं। दरअसल, 15 साल के बाद वाहन की फिटनेस खत्म हो जाती है। कोई व्यक्ति यदि ऐसी भूल कर बैठता है और गाड़ी लेकर रोड पर निकल जाता है, तो चालान कट सकता है। अब कई लोगों के दिमाग में यह प्रश्न उठता है कि कार की 15 साल की उम्र पार कर चुकी है तो उसका क्या करें? इसे लेकर कई नियम हैं जिसके बारे में जानना जरूरी है। आपको इस कार से कमाई भी हो सकती है।

15 साल पुरानी गाड़ी का क्या करें?

देश का कोई भी नागरिक अपनी 15 साल से अधिक आयु की गाड़ी लेकर नहीं चल सकता है, क्योंकि उसकी फिटनेस खत्म हो चुकी होती है। यहां गाड़ी चलाने के लिए फिटनेस प्रमाण पत्र का होना बेहद जरूरी है। हां, आपकी गाड़ी का कंडीशन अच्छा है और अभी भी चलने के लिए रेडी है, तो उसका फिटनेस बढ़वा सकते हैं। अगर आप ऐसा नहीं करना चाहते हैं, तो स्क्रैप पॉलिसी (Scrap Policy) का फायदा उठा सकते हैं।

15 साल पुरानी गाड़ी का रजिस्ट्रेशन रीन्यू कैसे होगा?

अगर आपकी कार 15 साल से अधिक की हो गई है और आपको उसका रजिस्ट्रेशन रीन्यू करवाना है तो उसके लिए फीस देनी होगी। इसके अलावा आपकी ओल्ड कार का फिटनेस टेस्ट भी होगा। फिटनेस टेस्ट में आपकी गाड़ी फेल हो गई, तो फिर रजिस्ट्रेशन और फिटनेस रीन्यू नहीं होगा।

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5 साल के लिए रीन्यू होता है गाड़ी का फिटनेस

आमतौर पर पुरानी गाड़ी का फिटनेस 5 साल के लिए रीन्यू होता है। अगले 5 सालों तक आप अपनी गाड़ी को सही तरीके से चला सकते हैं तो उसका इस्तेमाल टैक्सी या कैब के रूप में कर सकते हैं। प्राइवेट गाड़ी को टैक्सी या कैब के तौर पर चलाना चाहते हैं, तो उससे पहले प्राइवेट को कमर्शियल के रूप में बदलवाना पड़ेगा। चलिए अब आपको स्क्रैपिंग पॉलिसी के बारे में जानकारी देते हैं।

स्क्रैपिंग पॉलिसी का मतलब क्या होता है?

स्क्रैपिंग पॉलिसी का मतलब होता है आप अपनी गाड़ी को कबाड़ बनाने के लिए सेल कर देते हैं। सरकार ने पूरे देश में स्क्रैपरो को इस काम के लिए प्रमाणित किया है। अगर आप अपनी 15 साल से अधिक पुरानी गाड़ी को स्क्रैप कराते हैं, तो ऑथराइज्ड स्क्रैपर से संपर्क करना पड़ेगा। आपको ऑथराइज्ड स्क्रैपर की डिटेल्स चेक करनी है, तो उसके लिए https://vscrap.parivahan.gov.in/vehiclescrap/vahan/rvsfdetails.xhtml पर जाएं। अब आपके मन में यह सवाल होगा कि आखिर इसके फायदे क्या होंगे? आइए उसके बारे में भी जानते हैं।

स्क्रैपिंग पॉलिसी लेने से क्या फायदे मिलेंगे?

  • डिस्काउंट: पुरानी गाड़ी को स्क्रैप करने के बाद ऑनर को नई गाड़ी की कीमत (एक्स शोरूम) पर 4 से 6 प्रतिशत का डिस्काउंट मिलेगा।
  • रजिस्ट्रेशन फीस नहीं लगेगी: आप यदि डिपॉजिट सर्टिफिकेट देते हैं, तो नई गाड़ी की रजिस्ट्रेशन फीस माफ हो जाएगी।
  • रोड टैक्स छूट: राज्य सरकारें नई गाड़ी लेने वालों को रोड टैक्स पर छूट दे रही हैं। नॉन ट्रांसपोर्ट गाड़ियों के लिए 25 प्रतिशत छूट और ट्रांसपोर्ट गाड़ियों के लिए 15 प्रतिशत तक छूट हो सकती है।
  • न्यू गाड़ी पर छूट: गाड़ी का निर्माण करने वाली कंपनियों से डिपॉजिट सर्टिफिकेट के आधार पर नई गाड़ी लेने पर 5 प्रतिशत छूट देने का अनुरोध किया गया है।

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