ठंड के मौसम का इफेक्ट कार के अलग-अलग मॉडल पर अलग-अलग हो सकता है। छोटे-छोटे सफर पर भी फ्यूल की बचत 25 से 45 प्रतिशत तक घट जाती है। इलेक्ट्रिक वाहनों में तो केबिन को गर्म करने में ही करीब दो-तिहाई ज्यादा फ्यूल खर्च हो जाता है।
ऑटो न्यूज : सर्दियों का सितम शुरू हो गया है। उत्तर भारत में धीरे-धीरे सर्दी (Winter) शुरू हो गई है। ठंड के मौसम में जिस तरह खुद की सेहत का ख्याल रखते हैं, उसी तरह जरूरी है कि आप जिस कार का इस्तेमाल कर रहे हैं, उसकी भी देखभाल की जाए। दरअसल, सर्द भरे मौसम में कार के साथ कई तरह की समस्याएं होती हैं। जिसमें माइलेज कम होना और ज्यादा फ्यूल का खर्च (Winter Fuel Economy) होना भी शामिल है। माना जाता है कि ठंड के मौसम में कार की माइलेज काफी कम हो जाती है और फ्यूल भी ज्यादा खर्च होता है। छोटे-छोटे सफर पर ही फ्यूल की बचत 25 से 45 प्रतिशत तक घट जाती है। आइए जानते हैं ठंड के मौसम में फ्यूल की बचत के टिप्स..
ठंड के मौसम में फ्यूल की बचत कम क्यों
ठंड का मौसम वेहिकल को उम्मीद से ज्यादा प्रभावित करती है।
ठंडा इंजन ऑइल और अन्य ड्राइव-लाइन लिक्विड की वजह से ठंडे टेंपरेचर में इंजन और ट्रांसमिशन फ्रिक्शन बढ़ जाता है।
तापमान कम होने की वजह से इंजन को सही टेंपरेचर तक पहुंचने में ज्यादा वक्त लगता है।
गर्म सीट, विंडो डीफ्रास्टर और हीटर के पंखे ज्यादा एनर्जी का यूज करते हैं।
जब भी कार स्टार्ट की जाती है, तब उसे हीट करने में जो फ्यूल खर्च होता है, उससे बचत कम होती है.
ठंडी हवा ठोस होती है, इसलिए हाइवे पर स्पीड और हवा से खिंचाव बढ़ जाता है।
ठंडे तापमान की वजह से टायर का दबाव कम होता है, जिससे रोलिंग प्रतिरोध भी बढ़ता है।
इस मौसम में बैटरी भी कम काम करती है। अल्टरनेटर के लिए बैटरी को चार्ज रखना भी मुश्किलों भरा होता है। इससे हाइब्रिड, प्लग-इन हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक वेहिकल का सिस्टम प्रभावित होता है।
बर्फ से ढकी सड़कों पर टायर की पकड़ कमजोर होती है और फ्यूल ज्यादा खर्च होता है।
ठंड के मौसम में इस तरह करें फ्यूल की बचत
इंजन और केबिन के टेंपरेचर को बढ़ाने के लिए कार किसी गर्म जगह पार्क करनी चाहिए।
जरूरत से ज्यादा सीट वार्मर या डीफ्रास्टर का यूज न करें।
टायर प्रेशर की रेगुलर जांच करें.
वाहन निर्माता कंपनी की तरफ से ठंड के मौसम में ड्राइविंग के लिए रिकमेंडेड ऑइल का ही इस्तेमाल करें.
जब कार का इस्तेमाल न हो, तब रुफ रैक जैसे हवा के प्रतिरोध को बढ़ाने वाले सामान को हटा दें।
प्लग-इन हाइब्रिड या इलेक्ट्रिक वेहिकल के लिए, चार्जर में प्लग के दौरान केबिन को प्रीहीट करें।
प्लग-इन हाइब्रिड या इलेक्ट्रिक वेहिकल के लिए केबिन हीटर की बजाय सीट वार्मर की इस्तेमाल करें।
Auto News in Hindi: Read Automobile news (ऑटोमोबाइल न्यूज़), Auto Industry Trends, Car and Bike news, New Launched Cars and Bikes, Commercial Vehicle news, Auto reviews, features and price on Asianet News Hindi.