
चीन ने रेयर अर्थ मैग्नेट का निर्यात रोक दिया है जिससे पूरी दुनिया की ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री हिल गई है। चीन के इस फैसले का असर दुनिया भर के ऑटोमोबाइल बाजारों पर पड़ा है, और भारत भी इससे अछूता नहीं है। रेयर अर्थ एलिमेंट्स के मामले में चीन का दबदबा है। दुनिया भर में इनके उत्पादन का 60% और प्रोसेसिंग का 90% चीन के हाथ में है। इसलिए चीन इनके निर्यात के मामले में अपनी मनमानी करता है। ये रेयर अर्थ मैग्नेट आखिर क्या होते हैं, आजकल सबके मन में यही सवाल है। गाड़ियां बनाने में इनका इतना महत्व क्यों है? आइए, इन मैग्नेट के बारे में सबकुछ जानते हैं।
नियोडायमियम, डिस्प्रोसियम, लैंथेनम, सीरियम जैसे रेयर एलिमेंट्स गाड़ियों के अलग-अलग हिस्सों में इस्तेमाल होते हैं। खासकर आजकल की इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड गाड़ियों में ये बहुत जरूरी हैं। इन एलिमेंट्स के खास गुण उन्हें गाड़ियों के बेहतर परफॉर्मेंस और एफिशिएंसी के लिए महत्वपूर्ण बनाते हैं। गाड़ियों के कई हिस्सों में इनका इस्तेमाल होता है।
नियोडायमियम और डिस्प्रोसियम से शक्तिशाली स्थायी मैग्नेट बनाए जाते हैं। ये इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड गाड़ियों की मोटर में इस्तेमाल होते हैं। ये मैग्नेट मोटर की पावर बढ़ाते हैं।
टोयोटा प्रियस जैसी हाइब्रिड गाड़ियों में इस्तेमाल होने वाली निकल-मेटल हाइड्राइड (NiMH) बैटरी में, इलेक्ट्रोड और बैटरी क्षमता बेहतर बनाने के लिए लैंथेनम और सीरियम का इस्तेमाल होता है। ये एलिमेंट्स बैटरी की ऊर्जा घनत्व को बढ़ाते हैं। लिथियम-आयन बैटरी के कैथोड मटेरियल में भी कुछ रेयर अर्थ एलिमेंट्स का इस्तेमाल होता है।
गाड़ियों से निकलने वाले धुएं को कम करने वाले कैटेलिटिक कन्वर्टर में भी इन एलिमेंट्स का इस्तेमाल होता है। सीरियम ऑक्सीजन स्टोर करने और हानिकारक गैसों (जैसे कार्बन मोनोऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड) को बदलने में मदद करता है।
गाड़ी के विंडशील्ड, शीशे और दूसरे कांच के हिस्सों को पॉलिश करने और अल्ट्रावायलेट किरणों से बचाने के लिए सीरियम का इस्तेमाल होता है। इससे कांच पर खरोंच नहीं लगती और वो चमकदार रहता है।
यिट्रियम और यूरोपियम जैसे रेयर अर्थ एलिमेंट्स कार सेंसर, डिस्प्ले स्क्रीन और एलईडी लाइटिंग में इस्तेमाल होते हैं। ऑक्सीजन सेंसर, प्रेशर सेंसर और डैशबोर्ड डिस्प्ले में इन एलिमेंट्स का इस्तेमाल होता है।
भारत 809 टन रेयर अर्थ मैग्नेट आयात करता है। हिंदू बिजनेस लाइन की रिपोर्ट के मुताबिक, जून के आखिर तक ऑटो कंपनियों के पास रेयर अर्थ मैग्नेट का स्टॉक था क्योंकि अप्रैल के मध्य से सप्लाई नहीं हो रही थी। सरकार इस समस्या का कूटनीतिक हल निकालने की कोशिश कर रही है। खबर है कि बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास भारतीय उद्योग प्रतिनिधिमंडल और चीनी सरकार के अधिकारियों के बीच बैठक कराने की कोशिश कर रहा है।
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