PUC New Rules: BS6 गाड़ियों के लिए खुशखबरी! अब 3 साल तक नहीं कराना होगा पॉल्यूशन चेक

Published : Jun 30, 2026, 09:45 AM IST
PUC New Rules

सार

केंद्र सरकार BS6 प्राइवेट गाड़ियों के PUC की वैलिडिटी बढ़ाने पर विचार कर रही है। 6 साल से कम पुरानी गाड़ियों के लिए यह 1 से 3 साल हो सकती है। प्रदूषण जांच के नियम भी सख्त होंगे।

नई दिल्ली: अगर आपके पास BS6 इंजन वाली कोई प्राइवेट गाड़ी है, तो आपके लिए एक अच्छी खबर है। केंद्र सरकार ऐसी गाड़ियों के लिए पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल (PUC) सर्टिफिकेट की वैलिडिटी बढ़ाने पर विचार कर रही है। अगर यह नियम लागू हो जाता है, तो नई BS6 कारों और बाइक्स के मालिकों को हर साल PUC सर्टिफिकेट रिन्यू कराने की जरूरत नहीं पड़ेगी। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार का मानना है कि BS6 टेक्नोलॉजी वाली गाड़ियां पुराने मॉडल्स के मुकाबले बहुत कम प्रदूषण फैलाती हैं। इसलिए, इन गाड़ियों के लिए नियमों में कुछ ढील दी जा सकती है।

प्रस्ताव के मुताबिक, 6 साल से कम पुरानी BS6 गाड़ियों के लिए PUC सर्टिफिकेट की वैलिडिटी एक साल की बजाय तीन साल की होगी। वहीं, 6 से 10 साल पुरानी BS6 प्राइवेट गाड़ियों का PUC हर साल रिन्यू कराना होगा। 10 साल से ज्यादा पुरानी गाड़ियों के लिए हर 6 महीने में नया PUC सर्टिफिकेट लेना जरूरी होगा। हालांकि, यह छूट सिर्फ BS6 प्राइवेट गाड़ियों पर ही लागू होगी। 6 साल तक पुरानी BS6 कमर्शियल गाड़ियों के लिए PUC की वैलिडिटी दो साल करने का प्रस्ताव है। 6 साल से ज्यादा पुरानी कमर्शियल गाड़ियों पर भी प्राइवेट गाड़ियों वाले नियम ही लागू हो सकते हैं।

पॉल्यूशन जांच के नियम और सख्त होंगे

इसके अलावा, सरकार प्रदूषण जांच की प्रक्रिया को और सख्त बनाने की तैयारी कर रही है, ताकि नकली या गलत रीडिंग को रोका जा सके। यह प्रस्तावित बदलाव ऐसे समय में आया है जब सरकार एक नई इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) पॉलिसी पर भी काम कर रही है। इस पॉलिसी में इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड गाड़ियों को बढ़ावा देने के लिए इंसेंटिव शामिल हो सकते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुरानी और ज्यादा प्रदूषण फैलाने वाली गाड़ियों को धीरे-धीरे सड़कों से हटाने के लिए स्क्रैपेज बोनस जैसी योजनाओं पर भी विचार किया जा रहा है।

बिना PUC के नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल

इस बीच, उत्तर प्रदेश सरकार 1 अक्टूबर से NCR के जिलों में एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। जिन गाड़ियों के पास PUC सर्टिफिकेट नहीं होगा, उन्हें पेट्रोल पंपों पर फ्यूल नहीं दिया जाएगा। यह फैसला वायु प्रदूषण को कम करने के लिए लिया गया है। उत्तर प्रदेश के आठ जिले राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में आते हैं। इनमें गौतम बुद्ध नगर (नोएडा), गाजियाबाद, हापुड़, बुलंदशहर, मेरठ, मुजफ्फरनगर, बागपत और शामली शामिल हैं। हरियाणा और राजस्थान के भी कुछ जिले NCR का हिस्सा हैं।

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