बिहार में मर चुके शिक्षक भी कर रहे हैं इंटर की कॉपी की जांच, नहीं पहुंचने पर किया गया सस्पेंड

Published : Mar 02, 2020, 04:53 PM IST
बिहार में मर चुके शिक्षक भी कर रहे हैं इंटर की कॉपी की जांच, नहीं पहुंचने पर किया गया सस्पेंड

सार

बिहार में समान काम के लिए समान वेतन सहित अन्य मांगों पर इस समय नियोजित शिक्षक हड़ताल कर रहे हैं। इसी बीच बिहार परीक्षा बोर्ड द्वारा इंटर परीक्षा 2020 के कॉपियों का मूल्यांकन कार्य भी कराया जा रहा है। जिसमें घोर लापरवाही का मामला सामने आया है।  

पटना। बिहार में मुर्दे भी इंटर परीक्षा की कॉपी की जांच कर रहे हैं। चौकिए नहीं, ये ऐसी सच्चाई जो बिहार शिक्षा विभाग में व्यापत लापरवाही को उजागर कर रही है। हैरत की बात तो यह है कि जब मृत शिक्षक इंटर की कॉपी की जांच करते नहीं पहुंचे तो उन्हें सस्पेंड कर दिया गया। मतलब यह है कि बिहार शिक्षा विभाग को यह भी पता नहीं कि उनके कौन से कर्मी जीवित है, और कौन-कौन इस दुनिया को अलविदा कह चुके हैं। शिक्षा विभाग की लापरवाही के ऐसे दो मामले सामने आए है। जिसमें पहले तो मर चुके दो शिक्षकों के नाम को इंटर कॉपी मूल्याकंन के लिए बनाए गए शिक्षकों  की सूची में शामिल किया गया और जब वे दोनों शिक्षक नहीं पहुंचे तो उन्हें निलंबित कर दिया गया। 

बेगूसराय और बांका से सामने आया मामला 
पहला मामला बिहार के बेगूसराय जिले से सामने आया। जहां के एक शिक्षक रंजीत कुमार की मौत दो साल पहले हो चुकी है। लेकिन उनका भी नाम मूल्यांकन करने वाले शिक्षकों की सूची में डाल दिया गया। जाहिर है मरे हुए व्यक्ति सरकार क्या किसी के भी आदेश पर धरती पर लौट नहीं सकते। जब रंजीत मूल्यांकन करने नहीं पहुंचे तो उन्हें सस्पेंड कर दिया गया। ऐसा ही  एक मामला बिहार के बांका जिले से भी सामने आया है। जहां तीन साल पहले मर चुके शिक्षक को हैदर को कॉपी जांच के काम में लगा दिया गया। जब हैदर नहीं पहुंचे तो उन्हें सस्पेंड कर दिया गया। 

दो-तीन साल पहले मरे शिक्षक को विभाग मान रहा जीवित
चौकाने वाली बात यह है कि जिस शिक्षक की मौत दो-तीन पहले हो चुकी है, उसे विभाग अब भी जीवित कैसे मान रहा हैं। यदि उन्हें जीवित माना जा रहा है तो संभव है कि उनके नाम पर बनने वाला वेतन भी सरकार के फंड से जारी किया जा रहा हो। हालांकि अभी इस बात का खुलासा नहीं हो सका है कि रंजीत और हैदर के नाम पर क्या कोई दूसरा व्यक्ति वेतन उठा रहा था या नहीं। लेकिन अपनी लापरवाहियों के कारण अक्सर चर्चा में रहने वाला बिहार बोर्ड एक बार फिर इस मामले से अपनी प्रतिष्ठा को धूमिल कर चुका है।

PREV

बिहार की राजनीति, सरकारी योजनाएं, रेलवे अपडेट्स, शिक्षा-रोजगार अवसर और सामाजिक मुद्दों की ताज़ा खबरें पाएं। पटना, गया, भागलपुर सहित हर जिले की रिपोर्ट्स के लिए Bihar News in Hindi सेक्शन देखें — तेज़ और सटीक खबरें Asianet News Hindi पर।

Recommended Stories

Bihar Train Fire VIDEO: सासाराम स्टेशन पर पटना फास्ट पैसेंजर में लगी भीषण आग, देखें खौफनाक वीडियो
IMD Heatwave Forecast:आगरा 46°, प्रयागराज 47°... उत्तर भारत में मई का सबसे गर्म दिन? जानिए अपने शहर का हाल