
नई दिल्ली: 12 साल की उम्र में बच्चे आमतौर पर स्कूल जाते हैं, खेलते-कूदते हैं। लेकिन चीन की एक लड़की ने इस उम्र में कुछ ऐसा किया है, जिसे सुनकर हर कोई हैरान है। इस लड़की ने अपनी बचत के पैसों से एक स्टेशनरी की दुकान खरीद ली और अपनी मां को ही 3,000 युआन महीने की सैलरी पर नौकरी पर रख लिया।
यह कहानी है चीन के जियांग्शी प्रांत में रहने वाली ली युए की। स्प्रिंग फेस्टिवल के दौरान उसे तोहफे में करीब 44,000 युआन (लगभग 5 लाख रुपए) मिले थे। ली ने इन पैसों को किसी बिजनेस में लगाने का फैसला किया। उसका मानना था कि बैंक में रखने पर महंगाई के मुकाबले ब्याज बहुत कम मिलेगा।
एक दिन रास्ते से गुजरते हुए ली ने एक स्टेशनरी की दुकान पर 'बिकाऊ है' का बोर्ड देखा। उसने तुरंत उस दुकान को खरीदने का मन बना लिया। उसकी मां ने उसे समझाया कि इसमें नुकसान भी हो सकता है, लेकिन ली ने हिम्मत दिखाई और अपनी सारी जमा-पूंजी लगा दी।
मार्च में जब स्कूल दोबारा खुले, तो ली ने दुकान के रोजाना के कामकाज के लिए अपनी मां को नौकरी पर रख लिया। अब मां दुकान संभालती हैं, जबकि ली सप्लायर्स से बातचीत करने, सामान की कीमत तय करने और बिजनेस को आगे बढ़ाने की स्ट्रैटेजी बनाने जैसे काम देखती है।
ली सुबह स्कूल जाने से पहले दुकान खोलती थी और स्टॉक चेक करती थी। स्कूल से आने के बाद वह दुकान पर ही बैठकर पढ़ाई करती और रात 8:30 बजे तक अपनी मां की मदद करती। दुकान का हिसाब-किताब रखने के लिए उसने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल की मदद से एक डिजिटल लेजर भी तैयार किया।
कुछ हफ्ते पहले जब दुकान की कमाई कम हुई, तो ली ने तुरंत एक्शन लिया। उसने अपनी मां से कहा, "अगर हम डूबे हुए पैसों (Sunk costs) के बारे में ज्यादा सोचेंगे, तो सामान बिकेगा नहीं और कैश फ्लो की दिक्कत हो जाएगी।" उसने छोटी-मोटी चीजों की कीमत सिर्फ 1 युआन कर दी और अच्छी क्वालिटी वाले सामान पर 50% तक की छूट दे दी। इसका नतीजा यह हुआ कि बच्चे और उनके माता-पिता दुकान पर टूट पड़े।
ली ने देखा कि स्टेशनरी के बिजनेस में बहुत ज्यादा समय लग रहा है। इसलिए अब उसने अपना बिजनेस मॉडल बदल दिया है। उसने स्टेशनरी का पुराना स्टॉक बेचकर नए उपकरण खरीदे हैं और अब सॉसेज, ऑरेंज जूस और कोल्ड ड्रिंक्स बेच रही है। ली कहती है, "मैं एक ईमानदार बॉस बनना चाहती हूं। कोई भी चीज बेचने से पहले मैं खुद उसे चखकर देखती हूं कि वह सेहत के लिए अच्छी है या नहीं।"
सोशल मीडिया पर ली की कहानी वायरल हो गई है और लोग इस पर तरह-तरह की बातें कर रहे हैं। ली की मां अपनी बेटी के इस कदम का पूरा समर्थन करती हैं। वह गर्व से कहती हैं, "यह उसके लिए एक बिजनेस स्कूल जैसा है।" एक यूजर ने लिखा, "इतनी कम उम्र में इतनी समझदारी और हिम्मत, यह लड़की जरूर सफल होगी।" वहीं, एक दूसरे यूजर ने सलाह दी, "12 साल की उम्र पढ़ाई पर ध्यान देने की होती है, इतनी जल्दी बिजनेस की जिम्मेदारी ठीक नहीं।"
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