कोविड की तीसरी लहर में 15 दिन में 50 फीसदी हुआ कारोबार को नुकसान

Published : Jan 17, 2022, 03:44 PM IST
कोविड की तीसरी लहर में 15 दिन में 50 फीसदी हुआ कारोबार को नुकसान

सार

कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) ने दावा किया है कि पिछले 15 दिनों में सामानों के विभिन्न वर्टिकल के व्यवसायों को 50 फीसदी से अधिक का नुकसान हुआ है।

बिजनेस डेस्‍क। बढ़ते कोविड -19 मामलों के कारण कई राज्यों में लगाए गए प्रतिबंधों ने देश के कई व्यवसायों को सीधे प्रभावित किया है। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) ने दावा किया है कि पिछले 15 दिनों में सामानों के विभिन्न वर्टिकल के व्यवसायों को 50 फीसदी से अधिक का नुकसान हुआ है। CAIT ने केंद्र और राज्य सरकारों से वाणिज्यिक और आर्थिक गतिविधियों के सुचारू कामकाज को सुनिश्चित करते हुए कोविड -19 को और फैलने से रोकने के लिए हर संभव कदम उठाने का आग्रह किया है। इसने अधिकारियों से व्यापार और उद्योग निकायों के साथ परामर्श करने के बाद कदम उठाने का भी आग्रह किया, क्योंकि इससे व्यापार में व्यवधान को रोकने में मदद मिलेगी।

ऑड ईवन से हुआ नुकसान
व्यापार निकाय ने कहा कि दिल्ली में ऑड-ईवन जैसे कदम निरर्थक साबित हुए हैं, इससे व्यावसायिक गतिविधियों को भी नुकसान पहुंचा है। CAIT ने कहा कि साप्ताहिक लॉकडाउन के साथ इस प्रकार के प्रतिबंधों ने राष्ट्रीय राजधानी में बड़ी संख्या में व्यवसायों को सीधे प्रभावित किया। इसने यह भी बताया कि कैसे इसी तरह के प्रतिबंधों ने देश के अन्य राज्यों में बिक्री में बाधा उत्पन्न की।

5 लाख व्‍यापारी आते हैं दिल्‍ली में
CAIT ने बताया कि आस-पास के राज्यों के कितने व्यापारी उपकरण सोर्सिंग के लिए दिल्ली पर निर्भर हैं। उन्‍होंने कहा कि लगभग 5 लाख व्यापारी कई तरह के उपकरण खरीदने के लिए दिल्ली आते हैं, लेकिन मौजूदा प्रतिबंधों के कारण उन्होंने आना बंद कर दिया है। व्यापार निकाय ने कहा कि यह व्यापार केंद्र के रूप में दिल्ली की स्थिति को गंभीर रूप से प्रभावित कर रहा है।

7 दिन में 45 फीसदी गिरा कारोबार
CAIT के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीसी भरतिया और महासचिव प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि कोविड -19 के विभिन्न प्रतिबंधों के कारण, देश भर में पिछले सात दिनों में कारोबार में औसतन 45 प्रतिशत की गिरावट आई है। शहर से बाहर का खरीदार अपने शहर से बाहर नहीं जा रहा है, जबकि उपभोक्ता बाजारों में सामान खरीदने जा रहे हैं। इस तरह देश का कारोबार बुरी तरह से गिर गया है, जिस पर केंद्र और सभी राज्य सरकारों को ध्यान देने की जरूरत है।

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कैट ने किया सर्वे
CAIT के शीर्ष प्रतिनिधियों ने बताया कि CAIT के अनुसंधान संगठन CAIT रिसर्च एंड ट्रेड डेवलपमेंट सोसाइटी ने 1 जनवरी से 15 जनवरी तक देश के विभिन्न राज्यों के 36 शहरों में व्यापारियों के बीच दूसरा सर्वेक्षण किया है। सर्वे से पता चला है कि देश के घरेलू व्यापार में पिछले सप्ताह में औसतन 50 फीसदी से अधिक की गिरावट आई है। इस गिरावट का मुख्य कारण कोविड की तीसरी लहर और प्रतिबंधों के कारण लोगों में दहशत है, जिसने समग्र व्यापार चक्र को नुकसान पहुंचाया है।

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COVID के कारण पटरी से उतरी आर्थिक गतिविधि
जहां एफएमसीजी, ज्वैलरी, अपैरल, कॉस्मेटिक्स और किचन अप्लायंसेज जैसे क्षेत्रों में 35 फीसदी का नुकसान हुआ है, वहीं इलेक्ट्रॉनिक्स, फर्नीचर, घड़ियां और स्टेशनरी आइटम जैसे अन्य व्यवसायों में 50 फीसदी तक का नुकसान हुआ है। सबसे ज्यादा 70 फीसदी का घाटा फुटवियर, गिफ्ट आइटम और लगेज बेचने वाले कारोबारियों में देखा गया है। CAIT ने कहा कि ताजा कोविड प्रतिबंधों के कारण विवाह उद्योग प्रभावित हुआ है। आने वाले 2-3 महीनों में, शादी उद्योग को 4 लाख करोड़ रुपये की कमाई की उम्मीद थी, लेकिन राज्यों द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के कारण इसमें गिरावट आ सकती है। यदि प्रतिबंध अगले कुछ महीनों तक चलता है, तो उद्योग को 2.5 लाख करोड़ रुपए के नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।

 

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