
नई दिल्ली. सरकारी तेल कंपनियों ने मंगलवार को आरोप लगाया कि एअर इंडिया अपनी 100 करोड़ रुपये प्रतिमाह भुगतान की प्रतिबद्धता को पूरा नहीं कर रही है। एअर इंडिया पर तीन प्रमुख सरकारी तेल कंपनियों का 5,000 करोड़ रुपये का ईंधन भुगतान बकाया है जिसे पूरा करने के लिए उसने यह प्रतिबद्धता जतायी थी।
तेल कंपनियों ने कहा कि यदि इस समस्या का कोई समाधान नहीं किया जाता है तो उन्हें शुक्रवार से छह प्रमुख हवाईअड्डों पर कंपनी की ईंधन आपूर्ति रोकने पर मजबूर होना पड़ेगा।
इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के वित्त निदेशक संदीप कुमार गुप्ता ने कहा, ‘‘एअर इंडिया ने जून और सितंबर दोनों बार तीनों कंपनियों को हर माह 100 करोड़ रुपये का भुगतान करने का वादा किया था ताकि उस पर ईंधन भुगतान के 5,000 करोड़ रुपये बकाये का निपटान हो सके। लेकिन दुर्भाग्य से कंपनी इसे पूरा करने में असफल रही है।’’
उन्होंने कहा कि भुगतान ना किए जाने पर इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम को एअर इंडिया की ईंधन आपूर्ति रोकने पर मजबूर होना पड़ेगा। गुप्ता ने कहा, ‘‘हम कह चुके हैं कि हम प्रमुख हवाईअड्डों पर 18 अक्टूबर से ईंधन आपूर्ति रोक देंगे। देखते हैं अंतिम तिथि तक क्या निकल कर आता है।’’
एअर इंडिया पर कुल 5,000 करोड़ रुपये के बकाए में 2,700 करोड़ रुपये इंडियन ऑयल के हैं। इसमें 450 करोड़ रुपये का ब्याज शामिल है।
उल्लेखनीय है कि तेल कंपनियों ने पांच अक्टूबर को एक संयुक्त पत्र में छह हवाईअड्डों कोच्चि, मोहाली, पुणे, पटना, रांची और विशाखापत्तनम हवाईअड्डों पर 11 अक्टूबर से ईंधन आपूर्ति रोकने क चेतावनी दी थी। बाद में आखिरी तारीख बढ़ाकर 18 अक्टूबर कर दी गयी।
[यह खबर समाचार एजेंसी भाषा की है, एशियानेट हिंदी टीम ने सिर्फ हेडलाइन में बदलाव किया है]
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