
नई दिल्लीः केंद्रीय कर्मचारियों के लिए आज का दिन बेहद अहम है। केंद्र कर्मचारियों के लिए केंद्र सरकार फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) को लेकर बड़ा फैसला ले सकती है। केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में तीन फीसदी की बढ़ोतरी के बाद यह अहम फैसला हो सकता है। फिटमेंट फैक्टर बढ़ाने की मांग को लेकर सरकार के ऊपर पहले से दबाव बना हुआ है। केंद्रीय कर्मचारी संघ काफी दिनों से इसकी मांग कर रहा है। आज ही केंद्र सरकार की कैबिनेट बैठक होनेवाली है। इस बैठक में केंद्र सरकार फिटमेंट फैक्टर बढ़ाने का ऐलान कर सकती है। इससे पहले वर्ष 2016 में फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाया गया था। उसी साल 7वां वेतन आयोग (7th Pay Commission) भी लागू हुआ था।
सैलरी में फिटमेंट फैक्टर का अहम रोल
जानकारी दें कि केंद्रीय कर्मचारियों को मिलनेवाली सैलरी में फिटमेंट फैक्टर का बहुत अहम रोल होता है। केंद्र सरकार के तमाम कर्मचारियों के लिए फिटमेंट फैक्टर भेसिक वेतन तय करता है। अगर फिटमेंट फैक्टर बढ़ता है तो केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी में बड़ी बढ़ोतरी होगी। फिटमेंट फैक्टर को बढ़ा ने के बाद कर्मचारियों की बेसिक सैलरी बढ़ जाएगी। केंद्र सरकार के कर्मचारी संघ लंबे समय से न्यूनतम वेतन 18,000 रुपये से बढ़ाकर 26,000 रुपये करने और फिटमेंट फैक्टर को 2.57 गुना से बढ़ाकर 3.68 गुना करने की मांग कर रहे हैं।
8 हजार रुपए बढ़ जाएगी सैलरी
अगर फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाकर 3.68 फीसदी कर दिया जाता है तो कर्मचारियों की न्यूनतम सैलरी में 8,000 रुपये की बढ़ोतरी हो जाएगी। इसका मतलब हुआ कि केंद्रीय कर्मचारियों की न्यूनतम सैलरी 18,000 रुपये से बढ़कर 26,000 रुपये हो जाएगी। मौजूदा समय में केंद्रीय कर्मचारियों को 2.57 फीसदी के आधार पर फिटमेंट फैक्टर के तहत सैलरी मिल रही है। अगर केंद्र सरकार इस मांग को मान लेती है तो केंद्रीय कर्मचारियों की न्यूनतम सैलरी में जबरदस्त बढ़ोतरी होगी। गौरतलब है कि आखिरी बार साल 2016 में फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाया गया था। इसी साल 7वां वेतन आयोग भी लागू हुआ था। उस समय कर्मचारियों की न्यूनतम सैलरी 6000 रुपये से सीधे 18,000 रुपये हो गई थी। अब सरकार इस साल केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी में फिर बढ़ोतरी कर सकती है।
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