मुकेश अंबानी को पीछे छोड़ते हुए टिकटॉक के फाउंडर झांग यिमिंग एशिया के दूसरे सबसे अमीर शख्स बन गए हैं। झांग यिमिंग ने मुकेश अंबानी को कैसे पीछे छोड़ा? ByteDance क्या है और इसकी शुरुआत कब हुई? झांग यिमिंग की सफलता की कहानी क्या है? TikTok दुनिया भर में आखिर इतना पॉपुलर कैसे हुआ? जानते हैं।
Who is Zhang Yiming: TikTok और ByteDance के फाउंडर झांग यिमिंग ने दौलत के मामले में मुकेश अंबानी को भी पीछे छोड़ दिया है। ब्लूमबर्ग बिलियनेयर इंडेक्स की ताजा रैंकिंग के मुताबिक, झांग यिमिंग की कुल संपत्ति 92.8 अरब डॉलर पहुंच गई है, जबकि मुकेश अंबानी की नेटवर्थ 86.9 अरब डॉलर है। यानी यिमिंग अब एशिया के दूसरे सबसे अमीर शख्स बन चुके हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर एशिया का सबसे अमीर इंसान कौन है? आइए जानते हैं।

एशिया के 3 सबसे अमीर लोग कौन?
ब्लूमबर्ग बिलियनेयर इंडेक्स के मुताबिक, एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति के रूप में गौतम अडानी पहले स्थान पर हैं, जिनकी संपत्ति 117.4 अरब डॉलर है। उनके बाद झांग यिमिंग (92.8 अरब डॉलर) और तीसरे नंबर पर मुकेश अंबानी (86.9 अरब डॉलर) का नंबर है।
कौन हैं झांग यिमिंग?
झांग यिमिंग का जन्म चीन में हुआ था। उनका बचपन किसी बड़े कारोबारी परिवार में नहीं बीता। उन्होंने आम लोगों की तरह पढ़ाई की और फिर नौकरी से अपने करियर की शुरुआत की। बताया जाता है कि शुरुआती दिनों में वे एक छोटे से अपार्टमेंट में रहते थे, जहां से उन्होंने अपने सपनों को आकार देना शुरू किया। उनके पास न तो कोई बड़ा बिजनेस नेटवर्क था और न ही पारिवारिक कारोबार का सहारा। हालांकि, पढ़ाई में वे हमेशा अच्छे रहे। उन्होंने सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और फिर टेक इंडस्ट्री में एक सामान्य कर्मचारी के रूप में काम शुरू किया। लेकिन उनकी सोच बाकी लोगों से अलग थी। मार्च 2019 में जब ब्लूमबर्ग ने उनकी संपत्ति पर नजर रखना शुरू किया था, तब उनकी कुल संपत्ति $13 बिलियन थी। यह उछाल ByteDance के वीडियो ऐप TikTok की सफलता के साथ-साथ उसके AI चैटबॉट Doubao की कामयाबी की वजह से आया है। Doubao ने 300 मिलियन से ज्यादा मासिक यूजर्स बनाकर चीन के सबसे लोकप्रिय चैटबॉट का दर्जा हासिल कर लिया है। इसके अलावा, ByteDance ने इसी साल की शुरुआत में अपने अमेरिकी कारोबार का कुछ हिस्सा अमेरिकी निवेशकों को बेच दिया था।
इंटरनेट और यूजर बिहेवियर को समझने की अनोखी सोच
झांग यिमिंग का मानना था कि इंटरनेट सिर्फ जानकारी उपलब्ध कराने का माध्यम नहीं है। उनका विश्वास था कि टेक्नोलॉजी की मदद से लोगों की पसंद और व्यवहार को समझा जा सकता है और उन्हें वही कंटेंट दिखाया जा सकता है, जिसमें उनकी रुचि हो। यही सोच आगे चलकर उनकी सबसे बड़ी ताकत बनी और इसी विचार ने ByteDance जैसी कंपनी को जन्म दिया।
अलग-अलग कंपनियों में काम करके हासिल किया अनुभव
अपने करियर के शुरुआती दौर में झांग यिमिंग ने कई छोटी और बड़ी कंपनियों में काम किया। उन्होंने सर्च इंजन से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर भी काम किया और ट्रैवल वेबसाइट्स में भी टेक्निकल जिम्मेदारियां निभाईं। इन अनुभवों के दौरान उन्होंने महसूस किया कि इंटरनेट की असली ताकत सिर्फ जानकारी देना नहीं है, बल्कि यूजर्स को समझना और उनके लिए पर्सनलाइज्ड अनुभव तैयार करना है।
Toutiao ऐप से मिली पहली बड़ी सफलता
झांग यिमिंग का पहला बड़ा प्रोडक्ट Toutiao था। यह एक न्यूज ऐप था, लेकिन इसकी खासियत इसे बाकी प्लेटफॉर्म्स से अलग बनाती थी। इस ऐप में एल्गोरिद्म के जरिए हर यूजर को उसकी पसंद के अनुसार अलग-अलग खबरें दिखाई जाती थीं। यानी हर व्यक्ति को वही कंटेंट दिखता था जिसमें उसकी रुचि होती थी। उस समय यह विचार काफी नया और क्रांतिकारी माना गया। Toutiao की सफलता ने झांग यिमिंग को विश्वास दिलाया कि उनकी सोच सही दिशा में जा रही है।
2012 में हुई ByteDance की शुरुआत
साल 2012 में झांग यिमिंग ने ByteDance की स्थापना की। कंपनी का शुरुआती फोकस ऐसा प्लेटफॉर्म तैयार करना था जो यूजर्स की पसंद को समझकर कंटेंट दिखा सके। उस समय अधिकांश डिजिटल प्लेटफॉर्म सभी लोगों को लगभग एक जैसा कंटेंट दिखाते थे। लेकिन ByteDance ने एल्गोरिद्म आधारित तकनीक का इस्तेमाल कर हर यूजर के लिए अलग फीड तैयार की। यही तकनीक आगे चलकर कंपनी की सबसे बड़ी ताकत साबित हुई और ByteDance तेजी से आगे बढ़ने लगी।
TikTok ने बदल दी सोशल मीडिया की दुनिया
ByteDance की सबसे बड़ी सफलता TikTok के रूप में सामने आई। TikTok ने सोशल मीडिया की दुनिया में बड़ा बदलाव ला दिया। जहां पहले लोग लंबे वीडियो और पोस्ट देखने के आदी थे, वहीं TikTok ने शॉर्ट वीडियो फॉर्मेट को लोकप्रिय बना दिया। हालांकि इसकी सबसे बड़ी ताकत सिर्फ छोटे वीडियो नहीं थे, बल्कि उसका स्मार्ट एल्गोरिद्म था। यह एल्गोरिद्म बहुत कम समय में समझ जाता था कि कोई यूजर किस तरह का कंटेंट पसंद करता है और फिर उसी के अनुसार वीडियो दिखाता था।
TikTok कैसे बना दुनिया का सबसे तेजी से बढ़ने वाला ऐप?
TikTok ने कुछ ही वर्षों में पूरी दुनिया में लोकप्रियता हासिल कर ली। भारत से लेकर अमेरिका तक यह ऐप करोड़ों लोगों की पहली पसंद बन गया। हालांकि कई देशों में TikTok को विवादों और प्रतिबंधों का सामना भी करना पड़ा। भारत में यह ऐप प्रतिबंधित है, लेकिन अमेरिका समेत कई देशों में इसकी लोकप्रियता अभी भी बनी हुई है। इन चुनौतियों के बावजूद ByteDance की ग्रोथ लगातार जारी रही और कंपनी दुनिया की सबसे मूल्यवान प्राइवेट टेक कंपनियों में शामिल हो गई।


