
8th Pay Commission Update: देश के लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के मन में आजकल एक ही सवाल घूम रहा है, '8वें वेतन आयोग का क्या हुआ? फाइल कहां तक पहुंची और सैलरी कब से बढ़ेगी?' मंगलवार, 28 जुलाई को सरकार ने संसद में वेतन आयोग की प्रोग्रेस से जुड़े सवालों पर लिखित में जवाब दिया, जिससे कई बातें साफ हो गई हैं। आइए जानते हैं 8वें पे कमीशन से जुड़े 5 सबसे बड़े अपडेट, जो हर कर्मचारी को जानने चाहिए।
फिलहाल 8वां वेतन आयोग डेटा जुटाने और अलग-अलग कर्मचारी संगठनों से बातचीत करने के चरण में है। आयोग देश के अलग-अलग हिस्सों में जाकर कर्मचारियों, यूनियनों और सरकारी संस्थानों से सुझाव ले रहा है। इसी कड़ी में सितंबर 2026 में चेन्नई और पुडुचेरी में भी बैठकें तय की गई हैं। यानी फिलहाल आयोग जानकारी इकट्ठा कर रहा है, अंतिम सिफारिशें अभी तैयार नहीं हुई हैं।
राज्यसभा में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने साफ किया कि 8वां वेतन आयोग अपने तय नियमों के मुताबिक काम करेगा। उन्होंने बताया कि आयोग के नियमों में कहीं भी यह नहीं लिखा है कि उसे अपने काम की हर प्रगति की जानकारी सरकार को देते रहना होगा। यानी आयोग स्वतंत्र तरीके से अपनी प्रक्रिया पूरी करेगा और बीच-बीच में सरकार को अपडेट देना उसकी जिम्मेदारी नहीं है।
सरकार के मुताबिक, 8वें वेतन आयोग को गठन की तारीख से 18 महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट देनी है। आयोग का गठन 3 नवंबर 2025 को हुआ था। ऐसे में रिपोर्ट जमा करने की अंतिम समय सीमा 3 मई 2027 है। हालांकि, अगर आयोग अपना काम पहले पूरा कर लेता है तो वह तय समय से पहले भी रिपोर्ट सौंप सकता है।
रिपोर्ट जमा होने के बाद फैसला तुरंत लागू नहीं होगा। सबसे पहले केंद्र सरकार आयोग की सिफारिशों की समीक्षा करेगी। इसके बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल (कैबिनेट) तय करेगा कि किन सिफारिशों को मंजूरी देनी है और किनमें बदलाव करना है। इस पूरी प्रक्रिया के लिए कोई तय समय सीमा नहीं है। पिछली बार 7वें वेतन आयोग की रिपोर्ट आने और उसे लागू करने के बीच भी कई महीने का अंतर रहा था। कई रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से प्रभावी की जा सकती हैं। अगर ऐसा होता है और मंजूरी बाद में मिलती है, तो सरकार पिछली तारीख से लाभ (एरियर) देने का फैसला भी कर सकती है। लेकिन इस पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
सबसे ज्यादा चर्चा फिटमेंट फैक्टर को लेकर हो रही है। कर्मचारी पक्ष ने 3.83 फिटमेंट फैक्टर का प्रस्ताव दिया है। अगर भविष्य में सरकार इसे स्वीकार करती है, तो न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹18,000 से बढ़कर करीब ₹69,000 तक पहुंच सकती है। हालांकि, यह अभी सिर्फ एक प्रस्ताव है। सरकार ने अभी इस पर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है। इसलिए इसे पक्की सैलरी बढ़ोतरी नहीं माना जा सकता।
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