Delhi PUC Certificate: दिल्ली सरकार 1 अक्टूबर से वैध PUC न होने पर फोर-व्हीलर पर सख्ती करेगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के अनुसार बिना PUC फ्यूल नहीं मिलेगा और चालान होगा। Rule 115(7) के तहत PUC अनिवार्य, Section 190(2) में ₹10,000 जुर्माना/6 महीने जेल तक प्रावधान; EV को छूट, PUC की फीस ₹100 है।
Delhi PUC Rule: दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए वाहनों की जांच और प्रदूषण प्रमाणपत्र को लेकर सख्ती बढ़ाई जा रही है। 1 अक्टूबर से वैध Pollution Under Control Certificate (PUCC) के बिना चलने वाले वाहनों पर विशेष अभियान चलाने की तैयारी है। ऐसे वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और नियमों के तहत चालान भी किया जा सकता है।
PUC सर्टिफिकेट यह प्रमाणित करता है कि वाहन से निकलने वाला प्रदूषण निर्धारित उत्सर्जन सीमा के भीतर है। दिल्ली में अधिकृत PUC सेंटरों पर वाहन की जांच के बाद यह प्रमाणपत्र जारी किया जाता है। दिल्ली परिवहन विभाग के मुताबिक पेट्रोल-डीजल पंपों और अधिकृत वर्कशॉप पर PUC सेंटर संचालित किए जा रहे हैं।
1 अक्टूबर से सख्ती, बिना PUC हो सकती है कार्रवाई
वैध PUCC के बिना वाहन चलाने पर दिल्ली में चालान का प्रावधान पहले से मौजूद है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की सूची के मुताबिक बिना PUCC वाहन चलाने पर ₹10,000 का जुर्माना दर्ज है। यह प्रावधान Motor Vehicles Act और Central Motor Vehicle Rules से जुड़ा है। सरकार की ओर से प्रदूषण नियंत्रण अभियान के तहत PUC सेंटरों की निगरानी को तकनीक के जरिए मजबूत करने पर भी जोर दिया जा रहा है। वाहन मालिकों के लिए जरूरी है कि वे सड़क पर निकलने से पहले अपने वाहन का PUC वैध है या नहीं, यह जांच लें।
PUC सर्टिफिकेट क्यों जरूरी है?
PUC सर्टिफिकेट से यह पता चलता है कि वाहन का उत्सर्जन तय मानकों के भीतर है या नहीं। इसके लिए वाहन को अधिकृत प्रदूषण जांच केंद्र पर ले जाकर टेस्ट कराया जाता है। जांच में वाहन निर्धारित उत्सर्जन सीमा के भीतर पाया जाता है तो PUC जारी किया जाता है। अगर उत्सर्जन मानकों से अधिक पाया जाता है, तो वाहन की सर्विस या जरूरी मरम्मत कराने के बाद दोबारा जांच करानी पड़ सकती है।
बिना PUC पकड़े जाने पर कितना जुर्माना?
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की मौजूदा पेनल्टी सूची में W/O PUCC के लिए Motor Vehicles Act की धारा 190(2) और CMVR से जुड़े प्रावधान के तहत ₹10,000 का जुर्माना दर्ज है। सूची में पहली और बाद की उल्लंघन स्थिति, दोनों के लिए ₹10,000 का उल्लेख है। इसलिए PUC की वैधता खत्म होने के बाद वाहन चलाना जेब पर भारी पड़ सकता है। वाहन मालिकों को समय रहते प्रमाणपत्र रिन्यू करा लेना चाहिए।
पेट्रोल पंपों पर PUC जांच की सुविधा
दिल्ली परिवहन विभाग के अनुसार शहर के पेट्रोल और डीजल वितरित करने वाले ईंधन केंद्रों पर अधिकृत PUC सेंटर उपलब्ध हैं। इसके अलावा वाहन निर्माताओं के अधिकृत वर्कशॉप पर भी PUC सेंटर संचालित किए जा रहे हैं। इससे वाहन मालिकों के लिए PUC जांच और प्रमाणपत्र हासिल करना अपेक्षाकृत आसान हो जाता है।
सर्दियों में बढ़ सकती है वाहनों की जांच
दिल्ली में सर्दियों के दौरान प्रदूषण का स्तर बढ़ने पर वाहनों की जांच और एनफोर्समेंट गतिविधियां तेज हो सकती हैं। प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों की पहचान और कार्रवाई के लिए तकनीक का इस्तेमाल भी किया जाता है। कुछ परिस्थितियों में दिल्ली में GRAP के गंभीर चरण के दौरान वैध PUCC दिखाने पर ही पेट्रोल, डीजल और CNG देने का निर्देश भी लागू किया जा चुका है। ऐसे निर्देश वायु गुणवत्ता की स्थिति और लागू सरकारी आदेशों पर निर्भर करते हैं।
वाहन मालिक अभी क्या करें?
अगर आपके वाहन का PUC जल्द खत्म होने वाला है तो उसे समय रहते रिन्यू करा लें। PUC की वैधता की जानकारी mParivahan/Vahan सेवाओं के जरिए भी जांची जा सकती है। खासकर अक्टूबर से शुरू होने वाले प्रदूषण नियंत्रण अभियानों को देखते हुए वाहन के दस्तावेजों के साथ वैध PUCC रखना जरूरी है। इससे जांच के दौरान अनावश्यक परेशानी और चालान से बचा जा सकता है।
