
नई दिल्ली. दिवाला समाधान प्रक्रिया के तहत चल रही निजी क्षेत्र की दूर संचाकार कंपनी रिलायंस कम्यूनिकेशंस के कर्जदाताओं ने चेयरमैन अनिल अंबानी तथा चार अन्य निदेशकों का कंपनी से इस्तीफा नामंजूर कर दिया और उन्हें जारी दिवाला एवं ऋणशोधन प्रक्रिया में सहयोग करने का निर्देश दिया। कंपनी ने रविवार को बीएसई को इसकी जानकारी दी।
CoC की नामंजूरी
अंबानी समेत कंपनी के चार निदेशकों रायना करानी, छाया विरानी, मंजरी काकेर तथा सुरेश रंगाचार ने इस महीने की शुरुआत में कंपनी से इस्तीफा दे दिया था। कंपनी ने बाजार को बताया है कि उसके कर्जदाताओं की समिति की 20 नवंबर को बैठक हुई..‘‘समिति ने एकमत से यह निर्णय किया कि ये इस्तीफे स्वीकार नहीं किये जा सकते।’’
सहयोग की अपील
कंपनी ने कहा, ‘‘आर कॉम के संबंधित निदेशकों को बताया जा रहा है कि उनके इस्तीफे स्वीकार नहीं किये गये हैं और उन्हें आर कॉम के निदेशक के नाते दायित्वों व जिम्मेदारियों का निर्वहन जारी रखने का सुझाव दिया जाता है। उन्हें दिवाला एवं ऋणशोधन प्रक्रिया में सहयोग देने का निर्देश दिया गया है।’’
दूरसंचार क्षेत्र के विधायी बकायों पर उच्चतम न्यायालय के निर्णय के बाद कंपनी को सितंबर तिमाही में 30,142 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है। यह किसी भारतीय कंपनी को एक तिमाही में हुआ दूसरा सबसे बड़ा घाटा है।
(यह खबर समाचार एजेंसी भाषा की है, एशियानेट हिंदी टीम ने सिर्फ हेडलाइन में बदलाव किया है।)
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