
मुंबई. आरबीआई ने बैंको को एटीएम से कैश निकासी पर चार्ज बढ़ाने की अनुमति दे दी है। यह नियम 1 जनवरी 2022 से प्रभावी है। इसके तहत सेम बैंक के एटीएम में महीने में 5 ट्रांजेक्श फ्री होंगे और इसके बाद 21 रुपए प्रति ट्रांजेक्शन शुल्क देना होगा। वहीं आप किसी दूसरे बैंक का एटीएम यूज करते हैं तो महीने में सिर्फ 3 ट्रांजेक्शन ही फ्री होंगे और इसके बाद हर ट्रांजेक्शन के लिए 21 रुपए शुल्क कटौती की जाएगी। पहले यह 15 रुपए था फिर बढ़ाकर 17 रुपए किया गया। इसके बाद 20 रुपए और अब 21 रुपए कर दिया गया है। यानि एटीएम से बार-बार पैसा निकालना भारी पड़ जाएगा।
बैंकों ने बढ़ाए इंटरजेंच शुल्क
भारतीय रिजर्व बैंक ने सभी बैंकों को इंटरचेंज फीस बढ़ाने की अनुमति दे दी है, जिसके बाद बैंकों ने इसे बढ़ा दिया है। अब प्रत्येक फाइनेंसियल ट्रांजेक्शन पर 15 रुपए की जगह 17 रुपए का इंटरचेंज शुल्क देना होगा। वहीं नॉन फाइनेंसियल ट्रांजेक्शन के लिए 5 की जगह 6 रुपए देने पड़ेंगे। दरअसल, जब भी आप किसी एक बैंक का एटीएम कार्ड किसी दूसरे बैंक के एटीएम में यूज करते हैं तो आपके बैंक को एटीएम वाले बैंक को हर ट्रांजेक्शन पर फीस देनी पड़ती है। यही इंटरचेंज शुल्क होता है और अंततः बैंक यह ग्राहकों से ही वसूल करते हैं। इसलिए अब जब भी किसी दूसरे बैंक एटीएम का यूज करें तो यह ध्यान दें कि यह फ्री नहीं है।
एटीएम रखने का भी चार्ज लगाते हैं बैंक
1987 में लगा था पहला एटीएम
1987 में मुंबई में एचएसबीसी ने पहला एटीएम लगाया है तब से लेकर अब तक देश भर में 1 लाख 15 हजार 605 एटीएम स्थापित हो चुके हैं। 31 मार्च 2021 तक देश भर में विभिन्न बैंकों द्वारा कुल 90 करोड़ डेबिट कार्ड जारी किए गए हैं। इंडियन बैंक एसोसिएशन ने 1997 में पहली बार नेटवर्क शेयर शुरू किया जिसके माध्यम से किसी भी बैंक का एटीएम किसी दूसरे बैंक के एटीएम में यूज किया जाने लगा।
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