
बिजनेस डेस्क: उद्योग एवं वाणिज्य संगठन भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) ने रविवार को सुझाव दिया कि विभिन्न क्षेत्रों को उनके इलाके में कोरोना वायरस के संक्रमण की तीव्रता के आधार पर चरणबद्ध तरीके से धीरे-धीरे खोला जाना चाहिये। संगठन ने कहा कि किसी इलाके में संक्रमण के मामलों की संख्या के आधार पर उसे लाल, पीले या हरे इलाके में वर्गीकृत किया जा सकता है।
आर्थिक पैकेज की मांग
सीआईआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, ई-वाणिज्य, वाहन तथा रसायन के अलावा कपड़ा एवं परिधान, दवा, खाद्य प्रसंस्करण, खनिज एवं धातु आदि प्रमुख क्षेत्र हैं जिनमें धीरे-धीरे परिचालन शुरू करने की जरूरत है। संगठन ने एक बयान में कहा कि लॉकडाउन हटाने से पहले सभी को पर्याप्त सूचनाएं दी जानी चाहिये तथा एक आर्थिक पैकेज की भी घोषणा की जानी चाहिये।
अलग-अलग जोन बनाने की जरूरत
सीआईआई के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने कहा, 'पिछले कुछ दिन के दौरान देश में कोरोना वायरस के संक्रमण के मामले तेजी से बढ़े हैं तथा कई हॉटस्पॉट इलाके सामने आये हैं। ऐसे में उद्योगों को धीरे धीरे खोले जाने की जरूरत है। इसके लिये विभिन्न इलाकों को वहां संक्रमण के मामलों के आधार पर लाल, पीले व हरे तीन इलाकों में वर्गीकृत किया जा सकता है।'
कामगारों की सुरक्षा प्राथमिकता
उन्होंने कहा, इससे भी जटिल मुद्दा है क्या हरे इलाकों में सभी उद्योगों को खोला जा सकता है, पीले इलाकों में किन उद्योगों को खोला जा सकता है और लाल इलाकों में आवश्यक को छोड़ किसी को भी नहीं खोला जा सकता है। जिन्हें भी खोला जाये, यह सुनिश्चित किया जाये कि वहां कामगारों की सुरक्षा के लिये स्वास्थ्य एवं चिकित्सा, साफ सफाई तथा जांच की उचित व्यवस्था हो।
सोशल डिस्टेंसिंग का रखें ख्याल
सीआईआई ने इसके लिये थर्मल जांच, आपस में सामाजिक दूरी तथा कारखानों के सैनिटाइजेशन समेत कई सुझाव दिये। उसने कहा कि जो उद्योग स्वप्रमाणन के आधार पर इनका पालन नहीं करें, उनके ऊपर कठोर जुर्माना लगाया जाये। सीआईआई ने कहा कि उद्योगों को तीन चरणों में खोला जाना चाहिये।
कपड़ा इंडस्ट्री को राहत
पहले चरण में दवा, विनिर्माण, कपड़ा व परिधान, खाद्य प्रसंस्करण और खनिज एवं धातु को खोला जाना चाहिये। इसके बाद एक या दो सप्ताह का अंतराल लेकर दूसरे चरण में कृषि बाजारों, खाद्य एवं किराना डिलिवरी समेत ई-वाणिज्य, वाहन तथा वैसे रसायन जिनका इस्तेमाल साफ-सफाई में किया जाता है, इन्हें खोला जाना चाहिये। इसके एक या दो सप्ताह बाद तीसरे चरण में बचे क्षेत्रों को खोला जाना चाहिये।
(फाइल फोटो)
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