
बिजनेस डेस्कः एयरलाइंस कंपनी स्पाइसजेट (Spicejet) की मुश्किलें खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। अब अगले 8 सप्ताह तक स्पाइसजेट की 50 फीसदी फ्लाइट ही उड़ान भर सकेंगी। डीजीसीए ने इसको लेकर एक बड़ा निर्देश जारी कर दिया है। विभिन्न स्पॉट चेक, निरीक्षण और कारण बताओ नोटिस के जवाब के मद्देनजर डीजीसीए ने एयरलाइंस को यह निर्देश जारी किए हैं। स्पाइसजेट इस आदेश के जारी होने की तारीख से 8 सप्ताह के लिए अपनी आधी उड़ाने ही संचालित कर सकेगा।
जारी किया गया था शोकॉज नोटिस
डीजीसीए की ओर से यह आदेश इसलिए देना पड़ा क्योंकि हाल के दिनों में स्पाइसजेट की उड़ानों में काफी समस्या आई थी। एक बाद एक गड़बड़ी की खबरों के बाद ही डीजीसीए ने यह फैसला लिया है। गड़बड़ियां मिलने के बाद विमानन नियामक डीजीसीए ने स्पाइसजेट को शोकॉज नोटिस जारी किया था। शोकॉज नोटिस के जवाब में जो जवाब मिला, उससे डीजीसीए संतुष्ट नहीं था। इस मामले में विभिन्न जांच प्रक्रिया भी चली थी। जांच रिपोर्ट के बाद डीजीसीए ने यह कड़ा फैसला लिया है।
मेंटेनेंस में खामियां
डीजीसीए ने नोटिस में कहा है कि स्पाइसजेट की उड़ानों में बीते एक अप्रैल से पांच जुलाई 2022 के बीच कुछ घटनाएं रिपोर्च की गईं। इन घटनाओं की जांच की गई। जांच में पाया गया कि कई मौकों पर एयरलाइंस कंपनी के एयरक्राफ्ट्स को कुछ खराबियों के कारण या तो वापस लौटना पड़ा या कम सिक्योरिटी के लैंडिंग करनी पड़ी। जांच में यह सामने आया है कि इसकी ढंग से मेंटेनेंस नहीं हुई थी। इससे एयरक्राफ्ट की सिक्योरिटी स्टैंडर्ड के साथ समझौता किया गया।
वेंडर्स का समय पर भुगतान नहीं
डीजीसीए ने यह भी कहा कि सितंबर 2021 में डीजीसीए की ओर से आर्थिक जांच की गई थी। इस दौरान यह पाया गया था कि एयरलाइंस कंपनी स्पाइसजेट समय पर अपने वेंडर्स को पेमेंट नहीं कर रहे थे। ऐसा लगातार किया गया। इससे जरूरी स्पेयर्स और दूसरी चीजों की कमी पैदा हो गई। इसी कारण विमानों के परिचालन में समस्या होनी शुरू हो गईं।
आखिरी वक्त में दिया नोटिस का जवाब
डीजीसीए के मुताबिक स्पाइसजेट ने एयरक्रॉफ्ट रूल्स 1937 के प्रावधानों का उल्लंघन किया है। इसी के मद्देनजर डीजीसीए ने पांच जुलाई को स्पाइसजेट को शोकॉज नोटिस जारी किया था। तीन हफ्तों के भीतर इसका जवाब कंपनी को देना था। लेकिन एयरलाइंस कंपनी ने शोकॉज का जवाब 25 जुलाई को दिया।
आठ हफ्तों तक स्पाइसजेट की उड़ानों पर रहेगी नजर
डीजीसीए के मुताबिक आदेश जारी होने के आठ सप्ताह तक उड़ानों पर रोक लागू रहेगा। इन आठ सप्ताह के दौरान डीजीसीए एयरलाइन कंपनी के परिचालन पर नजर बनाए रखेगी। समय सीमा के बाद डीजीसीए फैसला लेगी कि आगे क्या करना है। डीजीसीए की ओर से यह आदेश सिविल एविएशन के ज्वाइंट डायरेक्टर जनरल मनीष कुमार ने जारी किया है।
यह भी पढ़ें- रोशनी नादर बनीं भारत की सबसे अमीर महिला, कनिका टेकरीवाल सबसे कम उम्र की रिचेस्ट वुमेन
व्यापार समाचार: Read latest business news in Hindi, Investment News, Insurance News, Personal Finance Tips & Budget News Live Updates at Asianet Hindi News