कोरोना वायरस का असर; शेयर बाजारों ने ज्यादातर शुरुआती बढ़त गंवाई, मामूली लाभ के साथ हुआ बंद

Published : Mar 05, 2020, 06:37 PM IST
कोरोना वायरस का असर; शेयर बाजारों ने ज्यादातर शुरुआती बढ़त गंवाई, मामूली लाभ के साथ हुआ बंद

सार

देश में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के बीच बंबई शेयर बाजार के सेंसेक्स ने बृहस्पतिवार को अपना ज्यादातर शुरुआती लाभ गंवा दिया और अंत में यह 61 अंक की मामूली बढ़त के साथ बंद हुए

मुंबई: देश में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के बीच बंबई शेयर बाजार के सेंसेक्स ने बृहस्पतिवार को अपना ज्यादातर शुरुआती लाभ गंवा दिया और अंत में यह 61 अंक की मामूली बढ़त के साथ बंद हुए। बंबई शेयर बाजार का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स दिन में कारोबार के दौरान 478 अंक तक चढ़ने के बाद अंत में मात्र 61.13 अंक या 0.16 प्रतिशत के लाभ के साथ 38,470.61 अंक पर बंद हुआ।

इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 18 अंक या 0.16 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ 11,269 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स की कंपनियों में कोटक महिंद्रा बैंक का शेयर सबसे अधिक 2.74 प्रतिशत चढ़ गया। एचसीएल टेक, टीसीएस, भारती एयरटेल, हिंदुस्तान यूनिलीवर और एशियन पेंट्स के शेयर लाभ में रहे।

येस बैंक को अधिग्रहण की अनुमति 

सरकार ने भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) और अन्य वित्तीय संस्थानों को पूंजी संकट से जूझ रहे निजी क्षेत्र के येस बैंक के अधिग्रहण की अनुमति दे दी है। इससे एसबीआई का शेयर 1.05 प्रतिशत चढ़ गया। वहीं दूसरी ओर रिलायंस इंडस्ट्रीज, टेक महिंद्रा, आईसीआईसीआई बैंक और एक्सिस बैंक के शेयर 2.06 प्रतिशत तक टूट गए।

विश्लेषकों ने कहा कि सकारात्मक वैश्विक रुख के बीच दिन में कारोबार के दौरान बाजार अच्छे खासे लाभ में थे। लेकिन देश में कोरोना वायरस के मामले बढ़ने से निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई और अंत में बाजार सीमित लाभ के साथ बंद हुए। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में कोरोना वायरस के एक और मामले की पुष्टि हुई है। इस तरह देश में कोरोना वायरस के मामलों की संख्या 30 पर पहुंच गई है। इनमें इटली के 16 पर्यटक शामिल हैं।

भारतीय शेयर बाजारों का प्रदर्शन कमजोर रहा

हालांकि, वैश्विक बाजारों में लाभ रहा। निवेशकों को उम्मीद है कि दुनिया भर की सरकारों और केंद्रीय बैंकों के प्रयासों से कोरोना वायरस के अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले असर को कम किया जा सकेगा। अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) ने बुधवार को कहा कि वह अपने तेजी से वितरण वाली आपात वित्तीय सुविधा के तहत 50 अरब डॉलर उपलब्ध कराएगा। माना जा रहा है कि कम आय वाले देश और उभरते बाजार संभावित रूप से कोरोना वायरस के प्रभाव से निपटने को इस कोष से मदद मांग सकते हैं।

जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘आईएमएफ द्वारा आवंटित कोष और नरम मौद्रिक रुख से वैश्विक बाजारों को समर्थन मिल रहा है लेकिन वायरस के मामले बढ़ने की वजह से भारतीय शेयर बाजारों का प्रदर्शन कमजोर रहा है।’’

यूरोपीय बाजार एक प्रतिशत नुकसान में

नायर ने कहा कि बाजार में अभी उतार-चढ़ाव कायम रहेगा। दूरसंचार और बैंकों की संपत्ति की कमजोर गुणवत्ता के मुद्दे लघु से मध्यम अवधि में बाजार को प्रभावित करेंगे। बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप में 0.31 प्रतिशत तक का लाभ रहा। चीन का शंघाई, दक्षिण कोरिया का कॉस्पी और जापान का निक्की लाभ में रहे। वहीं दूसरी ओर शुरुआती कारोबार में यूरोपीय बाजार एक प्रतिशत तक के नुकसान में थे।

ब्रेंट कच्चा तेल वायदा 0.04 प्रतिशत की बढ़त के साथ 51.16 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।

अंतर बैंक विदेशी विनिमय बाजार में रुपया छह पैसे की बढ़त के साथ 73.33 प्रति डॉलर पर बंद हुआ।

(यह खबर समाचार एजेंसी भाषा की है, एशियानेट हिंदी टीम ने सिर्फ हेडलाइन में बदलाव किया है।)

(फाइल फोटो)

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