EPS Pension Hike: क्या 1000 रुपये की ईपीएस पेंशन बढ़कर होगी 7500? 19 नवंबर को आ सकता है बड़ा फैसला

Published : Oct 28, 2026, 09:27 AM IST

ईपीएफओ (EPFO) के पेंशनर्स को जल्द ही एक बड़ी खुशखबरी मिल सकती है। एम्प्लॉइज पेंशन स्कीम (EPS) के तहत अभी हर महीने कम से कम 1,000 रुपये पेंशन मिलती है। क्या अगले महीने इस पेंशन को बढ़ाने का कोई ऐलान होने वाला है?

PREV
15
19 नवंबर को ईपीएफओ की अहम बैठक

कर्मचारी कई सालों से पेंशन बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। पेंशनर्स यूनियनों का कहना है कि प्राइवेट सेक्टर से रिटायर हुए कर्मचारियों को मिलने वाली मौजूदा न्यूनतम पेंशन काफी नहीं है। महंगाई और मेडिकल खर्चों को देखते हुए वे पेंशन बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईपीएफओ के सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज (CBT) की 240वीं बैठक 19 नवंबर 2026 को गुजरात के गिर इलाके में होने वाली है। खबर है कि इस बैठक में न्यूनतम पेंशन बढ़ाने के प्रस्ताव पर चर्चा हो सकती है। हालांकि, अभी तक इस बात की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है कि बैठक में इस पर चर्चा होगी या नहीं, पेंशन कितनी बढ़ेगी और इसे कब से लागू किया जाएगा।

25
अभी कितनी है न्यूनतम ईपीएस पेंशन?

एम्प्लॉइज पेंशन स्कीम (EPS) के तहत अभी योग्य पेंशनर्स को हर महीने कम से कम 1,000 रुपये पेंशन मिलती है। रिटायरमेंट के बाद अगर किसी कर्मचारी की कैलकुलेटेड पेंशन इस न्यूनतम रकम से कम बनती है, तो केंद्र सरकार नियमों के तहत इसे 1,000 रुपये कर देती है। लेकिन पेंशनर्स का मानना है कि आज की महंगाई के हिसाब से यह रकम बहुत कम है। परिवार के खर्च, दवाइयां और अस्पताल के बिल चुकाने के लिए उन्हें ज्यादा पैसों की जरूरत पड़ती है। कर्मचारी और पेंशनर्स यूनियन लंबे समय से न्यूनतम पेंशन बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। अगर सरकार यह मांग मान लेती है, तो कम पेंशन पाने वाले लाखों रिटायर्ड कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलेगी। हालांकि, पेंशन बढ़ने पर कितने लोगों को फायदा होगा, इसके आधिकारिक आंकड़े आना अभी बाकी है।

35
कैसे कैलकुलेट होती है ईपीएस पेंशन?

ईपीएस पेंशन की रकम कर्मचारी की पेंशन योग्य सैलरी और उसकी नौकरी के सालों पर निर्भर करती है। पेंशन कैलकुलेट करने का फॉर्मूला यह है: मंथली पेंशन = (पेंशन योग्य मंथली सैलरी × पेंशन योग्य नौकरी के साल) ÷ 70। यहां पेंशन योग्य सैलरी का मतलब रिटायरमेंट से ठीक पहले के 60 महीनों की औसत सैलरी से होता है। सैलरी लिमिट और स्कीम के नियम भी पेंशन की रकम तय करते हैं। उदाहरण के लिए, अगर पेंशन योग्य मंथली सैलरी 15,000 रुपये है और नौकरी के साल 30 हैं, तो कैलकुलेशन ऐसा होगा: (15,000 रुपये × 30) ÷ 70 = लगभग 6,429 रुपये मंथली पेंशन। असली पेंशन की रकम कर्मचारी की योग्यता, नौकरी की डिटेल्स और लागू नियमों पर निर्भर करती है। ऐसा नहीं है कि सैलरी ज्यादा होने पर पेंशन भी उसी हिसाब से बढ़ेगी। इसके लिए ईपीएस की सैलरी लिमिट और ज्यादा पेंशन से जुड़े नियमों को भी ध्यान में रखना पड़ता है।

45
ईपीएस-2026 स्कीम में क्या बदलाव हुए हैं?

कर्मचारी पेंशन योजना को लेकर 2026 में कुछ नए नियम लागू हुए हैं। ईपीएस-2026 स्कीम का मकसद सोशल सिक्योरिटी सिस्टम के तहत कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद पेंशन देना है। इस नई स्कीम में कुछ अहम बदलाव किए गए हैं। सबसे बड़ा बदलाव यह है कि पेंशन से जुड़ी अर्जियों को 20 दिनों के अंदर निपटाना होगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अगर पेंशन क्लेम सेटल करने में देरी होती है, तो 12 फीसदी ब्याज देने का भी नियम है। हालांकि, यह नियम किन हालात में लागू होगा, इसके लिए आधिकारिक गाइडलाइंस देखनी होंगी।

खबर है कि नई स्कीम में ज्यादा पेंशन से जुड़े मामलों को भी शामिल किया गया है। कंपनियों को अब पेंशन से जुड़े रिकॉर्ड और बाकी काम डिजिटल तरीके से करने होंगे। इन सभी बदलावों का मकसद पेंशन सिस्टम को और बेहतर बनाना है। लेकिन ईपीएस-2026 के लागू होने की तारीख, नए नियमों के दायरे और ब्याज से जुड़ी शर्तों की सही जानकारी के लिए आधिकारिक गजट का इंतजार करना होगा।

55
कंपनी का हिस्सा कितना? पेंशनर्स को क्या फायदा?

ईपीएस स्कीम में कंपनी की तरफ से जमा होने वाले पीएफ का एक हिस्सा पेंशन फंड में जाता है। आमतौर पर पेंशन योग्य सैलरी का 8.33 फीसदी हिस्सा ईपीएस में जमा होता है। हालांकि, यह सैलरी लिमिट और इससे जुड़े नियमों पर निर्भर करता है। अगर न्यूनतम पेंशन बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाती है, तो अभी सिर्फ 1,000 रुपये पा रहे योग्य पेंशनर्स को बड़ा फायदा होगा। लेकिन क्या कर्मचारियों की मांग के मुताबिक पेंशन को बढ़ाकर 7,500 रुपये किया जाएगा? पेंशन में कितनी बढ़ोतरी होगी? इन सभी सवालों के जवाब जानने के लिए हमें अगले 20 दिनों तक इंतजार करना होगा।

अर्थव्यवस्था, बजट, स्टार्टअप्स, उद्योग जगत और शेयर मार्केट अपडेट्स के लिए Business News in Hindi पढ़ें। निवेश सलाह, बैंकिंग अपडेट्स और गोल्ड-सिल्वर रेट्स समेत पर्सनल फाइनेंस की जानकारी Money News in Hindi सेक्शन में पाएं। वित्तीय दुनिया की स्पष्ट और उपयोगी जानकारी — Asianet News Hindi पर।

Read more Photos on

Recommended Stories