
नई दिल्ली: कर्मचारी पेंशन योजना (ईपीएस) के दायरे में आने वाले पेंशनभोगियों के एक फोरम ने कोरोना वायरस महामारी से निपटने में सरकार की मदद के लिये अपनी एक दिन की पेंशन प्रधानमंत्री राहत कोष में देने का निर्णय किया है।
ईपीएस 95 के अंतर्गत आने वाले पेंशनभोगियों की संख्या करीब 65 लाख है।
एक दिन की पेंशन राहत कोष में देंगे
अखिल भारतीय ईपीएस-95 पेंशनभोगी राष्ट्रीय संघर्ष समिति के अध्यक्ष कमांडर अशोक राउत ने रविवार को एक बयान में कहा, ‘‘हमने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कोरोना वायरस महामारी से निपटने में सरकार की मदद की इच्छा जतायी है। इसके तहत हम सभी ने अपनी एक दिन की पेंशन प्रधानमंत्री राहत कोष में देंगे।’’
संकट की घड़ी में योगदान देने का निर्णय
पत्र की प्रति वित्त मंत्री, श्रम मंत्री, केंद्रीय न्यासी बोर्ड के सदस्यों और केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त को भी भेजी गयी है। उन्होंने बयान में दावा किया, ‘‘हालांकि ईपीएस 95 के अंतर्गत आने वाले पेंशनभोगियों की अधिकतम पेंशन मात्र 2,500 रुपये है, फिर भी हमने देश हित में इस संकट की घड़ी में योगदान देने का निर्णय किया है।
राउत ने पत्र में इस महीने की पेंशन में से एक दिन की पेंशन काटने और उसे राहत कोष में डालने का आग्रह किया है। समिति पेंशनधारकों की न्यूनतम पेंशन बढ़ाने और स्वास्थ्य सुविधाएं देने समेत अन्य मांगों को लेकर संघर्ष कर रही है।
(यह खबर समाचार एजेंसी भाषा की है, एशियानेट हिंदी टीम ने सिर्फ हेडलाइन में बदलाव किया है।)
(प्रतीकात्मक फोटो)
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