
बिजनेस डेस्क। भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है। ताजा आंकड़ों के अनुसार भारत विदेशी मुद्रा भंडार 5 मई 2021 के बाद निचले स्तर पर है। आंकड़ों के अनुसार देश का विदेशी मुद्रा 600 अरब डॉलर के नीचे आ गया है। देश का विदेशी मुद्रा भंडार पहली बार 4 जून 2021 के खत्म सप्ताह पर देखने को मिला था। आंकड़ों के अनुसार लगातार आठवें सप्ताह गिरावट देखने को मिली है। 29 अप्रैल, 2022 को समाप्त सप्ताह में देश का विदेशी मुद्रा (विदेशी मुद्रा) भंडार 597.73 बिलियन डॉलर हो गया है।
विदेशी मुद्रा संपत्ति में भी गिरावट
आरबीआई के आंकड़ों से पता चलता है कि भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 29 अप्रैल को समाप्त सप्ताह में 2.695 अरब डॉलर घटकर 597.73 अरब डॉलर रह गया। विदेशी मुद्रा भंडार के सभी घटकों में गिरावट दर्ज की गई। 29 अप्रैल को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा संपत्ति 1.110 अरब डॉलर गिरकर 532.82 अरब डॉलर पर आ गई।
सोने का भंडार भी हुआ कम
इस बीच समीक्षाधीन सप्ताह में सोने का भंडार 1.164 अरब डॉलर घटकर 41.60 अरब डॉलर रह गया। एसडीआर भंडार 36.2 करोड़ डॉलर कम होकर 18.3 अरब डॉलर रहा। आईएमएफ में देश की आरक्षित स्थिति 29 अप्रैल को समाप्त सप्ताह में 5.001 अरब डॉलर कम होकर 59 मिलियन डॉलर है। 3 सितंबर, 2021 को भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 642.453 बिलियन डॉलर के ऑल टाइम हाई पर था।
क्यों कम हो रहा है भंडार
जानकारों की माने तो रूस और यूक्रेन वॉर की वजह से पूरी दुनिया में रिकॉर्ड महंगाई देखने को मिल रही है। क्रूड ऑयल के दाम 110 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर एडिबल ऑयल और नेचुरल गैस की कीमतें भी आसमान पर है। जिनका आयात भारत बड़े पैमाने पर पर करता है। भारत का इंपोर्ट बिल का हिस्सा क्रूड ऑयल का होता है। जिसकी वजह से भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है।
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