
बिजनेस डेस्क। बुधवार को गोल्ड ने 48,982 रुपए का रिकॉर्ड हाई बनाया था। लेकिन बाद में इसकी कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई। अब सोना अपने ऑल टाइम हाई से टूट कर 48000 रुपए प्रति ग्राम के भाव पर ट्रेड कर रहा है। मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि सोने में शॉर्ट टर्म के लिहाज से और भी गिरावट आ सकती है। इसलिए इसमें निवेश करने के लिए लोगों को थोड़ा इंतजार करना चाहिए।
इन वजहों से आ सकती है गिरावट
इस हफ्ते सोना करीब 49 हजार रुपए के भाव पर पहुंच गया था। इसमें इस साल अब तक 9500 रुपए से ज्यादा यानी 25 फीसदी के करीब तेजी आ चुकी थी। इसके बाद इसमें 1000 रुपए की गिरावट आई। इसके पीछे कोरोनावायरस महामारी को मुख्य वजह माना जा रहा है। दूसरी तरफ, सोने का आयात कम हुआ है और सोने के गहनों-सिक्कों की खरीद भी घटी है।
इक्विटी बाजारों में शुरू हुई रिकवरी
अब इक्विटी बाजारों में रिकवरी शुरू हो गई है। बाजारों के खुलने से औद्योगिक गतिविधियां बढ़ रही हैं। वहीं, कोरोनावायरस के इलाज को लेकर वैक्सीन और दवाएं बनने संबंधी पॉजिटिव खबरें भी आ रही हैं। इससे भी इक्विटी मार्केट में तेजी आ सकती है। ये सारे फैक्टर सोने के लिए नेगेटिव हैं।
कैसे करें ट्रेडिंग
सोने की कीमत का 48000 रुपए प्रति 10 ग्राम से नीचे आने का मतलब है कि इसमें 47640 रुपए तक की गिरावट एक-दो दिन में हो सकती है। गिरावट और भी बढ़ने की आशंका है। इसलिए बेहतर है कि सोने में निवेश के लिए इंतजार करें और जब यह 46 हजार के स्तर पर आता है, तो साल के अंत तक 50 हजार रुपए का लक्ष्य लेकर खरीददारी करें।
इस साल सोने का प्रदर्शन
31 दिसंबर 2019 को सोने का भाव एमसीएक्स पर 39108 रुपए प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। वहीं, 1 जुलाई 2020 को सोना 48982 रुपए प्रति 10 ग्राम के भाव पर पहुंच गया। यानी हर 10 ग्राम पर करीब 9600 रुपए या 25 फीसदी रिटर्न मिल रहा था। लेकिन इसके बाद अब तक सोने में करीब 980 रुपए की गिरावट आ चुकी है और यह 48000 के आसपास ट्रेड कर रहा है।
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