Gold Capital Of India: देश का सबसे बड़ा गोल्ड मार्केट कहां है? यहीं से निकले हैं बड़े ब्रांड्स!

Published : Oct 24, 2026, 11:38 AM ISTUpdated : Oct 24, 2026, 12:54 PM IST

Biggest Jewellery Market in India: भारत में सोना खरीदने का खास महत्व है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि देश का सबसे बड़ा ज्वेलरी मार्केट कहां है? जानिए उस बाजार के बारे में, जहां सोने के गहनों की सबसे बड़ी रेंज और खरीदारी के शानदार विकल्प मिलते हैं।

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त्रिशूर है देश का सबसे बड़ा गोल्ड मार्केट

भारत में लोग सोने से बहुत प्यार करते हैं। खासकर महिलाएं सोने के गहनों की दीवानी होती हैं। हम शादियों में कपड़ों के साथ-साथ सोने की भी जमकर खरीदारी करते हैं। देश में सोने की इस भारी डिमांड को केरल का 'त्रिशूर' (Thrissur) शहर पूरा करता है। यह शहर आधिकारिक और व्यावसायिक रूप से 'गोल्ड कैपिटल ऑफ इंडिया' (Gold Capital of India) के नाम से मशहूर है।

त्रिशूर देश में सोने के गहने बनाने, थोक व्यापार और रिटेल बिक्री का सबसे बड़ा केंद्र है। लोग इसे 'गोल्डन सिटी ऑफ इंडिया' भी कहते हैं। केरल सरकार के आधिकारिक आंकड़े बताते हैं कि त्रिशूर राज्य में सादे सोने के आभूषण बनाने का मुख्य हब है।

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त्रिशूर के सोने के व्यापार का इतिहास

प्राचीन काल से ही त्रिशूर के समुद्री मार्गों के जरिए अंतरराष्ट्रीय व्यापारियों के साथ मजबूत व्यापारिक संबंध रहे हैं। 18वीं सदी के अंत में राजा शक्तन तंपुरान (Raja Sakthan Thampuran) ने तत्कालीन कोचीन राज्य की राजधानी रहे इस इलाके को मुख्य स्वर्ण व्यापार केंद्र बनाया। उसी दौर में अलग-अलग जगहों से व्यापारी और पारंपरिक सुनार यहां आकर बस गए। पीढ़ियों से चली आ रही सुनारों की इसी कला ने आज इस शहर को इस मुकाम पर पहुंचाया है।

आज के कोडुंगल्लूर (Kodungallur) इलाके के पास स्थित प्राचीन मुजिरिस (Muziris) बंदरगाह के जरिए विदेशी व्यापार फला-फूला। अरब और रोमन व्यापारिक संबंधों ने इस इलाके के आर्थिक विकास में बड़ी मदद की। वह दौर बीत जाने के बाद भी, आज के स्थानीय सुनार अपनी कला से नए-नए डिजाइन के गहने बनाकर अपनी खास पहचान बनाए हुए हैं। हाथों से बारीक डिजाइन बनाने और पारंपरिक गहने तैयार करने का उनका यह पेशा पीढ़ियों से चला आ रहा है।

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त्रिशूर कैसे बना 'गोल्ड कैपिटल'?

त्रिशूर को 'गोल्ड कैपिटल ऑफ इंडिया' कहने के कई कारण हैं। इस इलाके और इसके आसपास सोने के गहने बनाने वाली हजारों छोटी-बड़ी वर्कशॉप्स मौजूद हैं। देश में बिकने वाले सोने के गहनों का एक बहुत बड़ा हिस्सा यहीं तैयार होता है। हजारों स्थानीय कारीगर और दूसरे राज्यों से आए कुशल कारीगर इसी काम पर निर्भर हैं। यहां काम करने वालों में ज्यादातर सुनार ही हैं। इसके अलावा, केरल के मजबूत को-ऑपरेटिव बैंकिंग सिस्टम ने यहां के स्वर्ण व्यापारियों और निर्माताओं को आसानी से लोन दिया, जिससे यह इंडस्ट्री तेजी से आगे बढ़ी।

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बड़े गोल्ड ब्रांड्स की जन्मस्थली

आज भारत में मौजूद कई बड़े गोल्ड ब्रांड्स इसी शहर से निकले हैं। कल्याण ज्वैलर्स (Kalyan Jewellers), जोयालुक्कास (Joyalukkas), जोस अलुक्कास (Jos Alukkas) और मालाबार गोल्ड एंड डायमंड्स (Malabar Gold and Diamonds) जैसी दिग्गज ज्वैलरी कंपनियों की शुरुआत यहीं से हुई थी। इन कंपनियों की मुख्य ब्रांच आज भी यहीं मौजूद हैं। इतना ही नहीं, अन्य ब्रांड्स के गहनों का भी ज्यादातर व्यापार यहीं से होता है।

24 कैरेट सोना क्या है? गहने कैसे बनते हैं?

खदानों से निकलने वाला शुद्ध सोना बहुत मुलायम होता है। इसे 24 कैरेट सोना कहते हैं। इससे सीधे गहने बनाना मुश्किल होता है, इसलिए सुनार गहने बनाते समय कुछ खास तरीके अपनाते हैं। शुद्ध सोने को थोड़ा सख्त बनाने के लिए कारीगर इसमें तांबा या चांदी मिलाते हैं। इस मिलावट की मात्रा के हिसाब से सोना 22 कैरेट (22K) या 18 कैरेट में बदल जाता है। कारीगर इस धातु के मिश्रण को ऊंचे तापमान पर पिघलाते हैं, फिर इसे पतले तारों या ब्लॉकों में बदलकर मनचाहे सांचों में ढालते हैं। इसके बाद वे गहनों पर खूबसूरत डिजाइन उकेरते हैं और उनमें पत्थर या हीरे जड़ते हैं। अंत में, गहनों में शानदार चमक लाने के लिए उन पर पॉलिश की जाती है।

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