
Gold Silver Price Today: फेस्टिव सीजन खासकर धनतेरस-दिवाली से पहले सोना-चांदी खरीदने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए अच्छी खबर है। घरेलू बाजार में दोनों कीमती धातुओं की कीमतों में नरमी देखने को मिल रही है। इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, गुरुवार के मुकाबले शुक्रवार 30 अक्टूबर को चांदी और सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट आई है।
शुक्रवार 30 अक्टूबर को एक किलो चांदी की कीमत 9,134 रुपये गिरकर 1.81 लाख रुपये पर आ गई, जबकि गुरुवार को इसका भाव 1.90 लाख रुपये था। वहीं, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 2,201 रुपये सस्ता होकर 1.41 लाख रुपये पर पहुंच गया।
अक्टूबर के महीने में सोने और चांदी की कीमतों में अच्छी-खासी गिरावट दर्ज की गई है। अक्टूबर में अब तक चांदी 39,485 रुपये और सोना 8,084 रुपये सस्ता हो चुका है। इससे पहले 1 अक्टूबर 2026 को एक किलो चांदी का भाव 2.20 लाख रुपये और 10 ग्राम सोने की कीमत 1.48 लाख रुपये थी।
इस साल सोने और चांदी की कीमतों में पहले तेज उछाल देखने को मिला था। चांदी की कीमत 31 दिसंबर 2025 को 2.30 लाख रुपये प्रति किलो थी। इसके बाद 29 जनवरी 2026 को यह बढ़कर 3.86 लाख रुपये प्रति किलो के ऑल टाइम हाई तक पहुंच गई थी। हालांकि, इस रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बाद चांदी की कीमतों में लगातार गिरावट जारी है। चांदी अब अपने ऑल टाइम हाई से करीब 1.99 लाख रुपये प्रति किलो सस्ती हो चुकी है।
चांदी की तरह सोने की कीमतों में भी इस साल पहले तेजी देखने को मिली थी। 31 दिसंबर 2025 को 10 ग्राम सोने का भाव 1.33 लाख रुपये था। इसके बाद 29 जनवरी 2026 को सोने की कीमत बढ़कर 1.76 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई थी। लेकिन रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बाद सोने के भाव में गिरावट शुरू हो गई। अब तक सोना अपने उच्चतम स्तर से करीब 36 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता हो चुका है।
सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं। इनमें डॉलर का अंतरराष्ट्रीय बाजार में मजबूत होना, मुनाफावसूली और बड़े पैमाने पर बिकवाली शामिल हैं। जब डॉलर मजबूत होता है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की मांग और कीमतों पर दबाव पड़ता है। इसके अलावा, ऊंचे स्तर पर पहुंचने के बाद निवेशकों की ओर से मुनाफावसूली किए जाने से भी कीमतों में गिरावट आती है।
कमोडिटी एक्सपर्ट और केडिया एडवाइजरी के डायरेक्ट अजय केडिया का मानना है कि मौजूदा गिरावट के बीच सोने-चांदी में खरीदारी की जा सकती है। हालांकि, निवेशकों को एक साथ पूरी रकम लगाने के बजाय थोड़ा-थोड़ा करके निवेश करना चाहिए। उनके मुताबिक, निवेशक अभी कुछ मात्रा में सोना-चांदी खरीद सकते हैं। इसके बाद हर 15 से 20 दिन के अंतराल पर धीरे-धीरे खरीदारी करना बेहतर रणनीति हो सकती है। निवेशकों को केवल छह महीने के नजरिए से खरीदारी करने के बजाय लंबी अवधि को ध्यान में रखना चाहिए। इसके लिए एक से दो महीने के दौरान अलग-अलग चरणों में खरीदारी करके करीब एक साल तक निवेश बनाए रखने की रणनीति अपनाई जा सकती है।
(Disclaimer: जीएसटी/मेकिंग चार्जेंस की वजह से अलग-अलग शहरों में सोने-चांदी की कीमतों में थोड़ा-बहुत अंतर हो सकता है। )
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