
नयी दिल्ली: सरकार ने कोल इंडिया को अगले दो- तीन साल के दौरान कोयला खदानों से कम से कम प्रतिदिन 20 लाख घनमीटर प्राकृतिक गैस उत्पादन करने को कहा है। एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी।
अधिकारी ने कहा कि कोयला मंत्रालय ने इस संबंध में कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) की सलाहकार इकाई को सार्वजनिक क्षेत्र की इस कंपनी के पट्टे वाले क्षेत्रों में कोल-बेड-मीथेन (सीबीएम) के विकास कार्यों में सक्रियता के साथ शामिल होने को कहा है।
प्राकृतिक गैस के उत्पादन में लानी होगी तेजी
कोल इंडिया को दिया गया यह ताजा निर्देश इस मायने में काफी अहम है कि केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने पिछले साल ही कोल इंडिया के लिये प्राकृतिक गैस निकालने के नियमों में कुछ ढील दी थी। सरकार ने प्राकृतिक गैस के उत्पादन में तेजी लाने के लिये उसकी कोयला खदानों में छिपी प्राकृतिक गैस को निकालने के लिये इन नियमों में ढील दी थी।
सीबीएम एक प्रकार की ऐसी प्राकृतिक गैस है जो कि कोयला खदानों के नीचे मोटी परतों में मौजूद होती है और इसे ड्रिलिंग करके निकाला जा सकता है।
स्वच्छ गैस ऊर्जा की जरूरत
अधिकारियों के अनुसार कोयला मंत्रालय ने पिछले महीने ही केन्द्रीय खान योजना और डिजाइन इंस्टीट्यूट (सीएमपीडीआई) से सीआईएल के पट्टाधारी क्षेत्रों में सीबीएम विकास कार्यों में सक्रियता के साथ शामिल होने को कहा। अधिकारी ने कहा, ‘‘इस कार्य के लिये सीआईएल की विभिन्न अनुषंगियों के साथ विचार विमर्श के बाद एक उपयुक्त कार्यप्रणाली को अंतिम रूप दे दिया जायेगा और इसके बाद अगले दो से तीन साल में कोल इंडिया को कम से कम प्रतिदिन 20 लाख घनमीटर गैस का उत्पादन करना चाहिये। देश को इस तरह की स्वच्छ गैस ऊर्जा की जरूरत है।
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