Repo Rate Unchanged: नहीं घटा रेपो रेट तो न हों परेशान, इन 5 तरीकों से घटाएं अपने Loan की EMI

Published : Apr 08, 2026, 10:50 AM IST

Loan EMI Relief Hacks: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने रेपो रेट को 5.25% पर बरकरार रखकर उन उम्मीदों पर पानी फेर दिया है,जो होम लोन या कार लोन की EMI घटने का इंतजार कर रहे थे। लेकिन टेंशन लेने की जरूरत नहीं है। आप 5 फाइनेंशियल ट्रिक्स से EMI कम कर सकते हैं। 

PREV
15

होम लोन ओवरड्राफ्ट (Home Loan Overdraft)

अगर आपके पास कुछ एक्स्ट्रा सेविंग्स पड़ी हैं, तो उसे साधारण सेविंग्स अकाउंट में रखने के बजाय अपने लोन अकाउंट से जुड़े 'ओवरड्राफ्ट' खाते में डालें। बैंक सिर्फ उस राशि पर ब्याज वसूलता है जो लोन राशि में से आपके ओवरड्राफ्ट बैलेंस को घटाकर बचती है। इससे आपका मूलधन (Principal) जल्दी कम होता है और ब्याज की बचत होती है।

25

लोन प्री-पेमेंट (Loan Pre-payment)

हर साल अपने लोन का केवल 5% से 10% हिस्सा प्री-पेमेंट करने की कोशिश करें। अगर आप साल में एक एक्स्ट्रा EMI का भुगतान भी प्री-पेमेंट के तौर पर करते हैं, तो आप अपने 20 साल के लोन को 12-15 साल में ही खत्म कर सकते हैं। यह आपके कुल ब्याज में लाखों की बचत करता है।

35

लोन बैलेंस ट्रांसफर (Loan Balance Transfer)

चूंकि RBI ने दरें नहीं बढ़ाई हैं, कई बैंक नए ग्राहकों को लुभाने के लिए कम ब्याज दर (Competitive Rates) ऑफर कर रहे हैं। अगर आपका मौजूदा बैंक आपसे 9% ब्याज ले रहा है और दूसरा बैंक 8.5% का ऑफर दे रहा है, तो 'लोन बैलेंस ट्रांसफर' का ऑप्शन चुनें। प्रोसेसिंग फीस (Processing Fee) चेक करना न भूलें। अगर बचत शुल्क से ज्यादा है, तभी स्विच करें।

45

लोन का टेन्योर बढ़ाएं (Loan Tenure)

अक्सर लोग EMI कम करने के लिए लोन की अवधि बढ़वा लेते हैं। यह शॉर्ट-टर्म में राहत देता है, लेकिन लॉन्ग-टर्म में आप बैंक को ब्याज के रूप में बहुत बड़ी रकम दे बैठते हैं। इसलिए कोशिश करें कि EMI उतनी ही रखें जितनी आप झेल सकें, और जैसे-जैसे आपकी सैलरी बढ़े, EMI की राशि बढ़ाएं (Step-up EMI), न कि समय।

55

क्रेडिट स्कोर सुधारें और मोलभाव करें (CIBIL Score)

क्या आपको पता है कि 800+ क्रेडिट स्कोर वालों को बैंक कम ब्याज दर पर लोन देते हैं? अपना सिबिल स्कोर चेक करें। अगर यह बेहतर हुआ है, तो अपने मौजूदा बैंक से बात करें और कम दरों के लिए 'रिसेट' की रिक्वेस्ट करें। बैंक अपने अच्छे ग्राहकों को खोना नहीं चाहते और अक्सर दरें घटा देते हैं।

अर्थव्यवस्था, बजट, स्टार्टअप्स, उद्योग जगत और शेयर मार्केट अपडेट्स के लिए Business News in Hindi पढ़ें। निवेश सलाह, बैंकिंग अपडेट्स और गोल्ड-सिल्वर रेट्स समेत पर्सनल फाइनेंस की जानकारी Money News in Hindi सेक्शन में पाएं। वित्तीय दुनिया की स्पष्ट और उपयोगी जानकारी — Asianet News Hindi पर।

Read more Photos on

Recommended Stories