Vedanta Oil & Gas का शेयर लिस्टिंग के बाद क्यों गिर रहा है? दो दिन में 10% टूटने की वजह क्या है? क्या यह सिर्फ प्रॉफिट बुकिंग है या बड़ी चिंता? Vedanta Demerger के बाद किस कंपनी के शेयर में तेजी आई? क्या गिरावट के बावजूद Vedanta Oil & Gas में निवेश का मौका है?
Vedanta Shares Today: शेयर बाजार में किसी नए शेयर की लिस्टिंग अक्सर निवेशकों के लिए उत्साह लेकर आती है, लेकिन वेदांता ग्रुप की नई कंपनी वेदांता ऑयल एंड गैस (Vedanta Oil & Gas) के साथ शुरुआती तस्वीर कुछ अलग नजर आ रही है। शेयर बाजार में लिस्ट होने के बाद लगातार दूसरे दिन भी इस शेयर में बिकवाली देखने को मिली और यह लोअर सर्किट पर पहुंच गया। सिर्फ दो कारोबारी सेशन में शेयर करीब 10% तक फिसल चुका है। ऐसे में जिन निवेशकों को डीमर्जर के बाद यह शेयर मिला है, उनके मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह नॉर्मल मुनाफावसूली है या फिर आगे और दबाव देखने को मिल सकता है?

Vedanta Oil & Gas Share चर्चा में क्यों है?
वेदांता ग्रुप ने हाल ही में अपने कारोबार को अलग-अलग कंपनियों में बांटने की प्रक्रिया पूरी की है। इसी के तहत वेदांता ऑयल एंड गैस एक स्वतंत्र कंपनी के रूप में शेयर बाजार में लिस्ट हुई है। यह कंपनी देश के तेल और गैस कारोबार से जुड़ी हुई है और 'Cairn' ब्रांड नाम के तहत काम करती है। इसके पास राजस्थान, पूर्वी और पश्चिमी तट के साथ-साथ उत्तर-पूर्व भारत में भी बड़े प्रोजेक्ट हैं। कंपनी के पास हजारों वर्ग किलोमीटर में फैले तेल और गैस ब्लॉक मौजूद हैं।
वेदांता ऑयल एंड गैस शेयर दो दिन में क्यों टूट गया शेयर?
लिस्टिंग के बाद अक्सर कई निवेशक अपने मिले हुए शेयर बेचकर मुनाफा बुक करते हैं। बाजार में इसे प्रॉफिट बुकिंग कहा जाता है। वेदांता ऑयल एंड गैस के साथ भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला। शेयर पहले दिन भी दबाव में रहा और दूसरे दिन भी 5% के लोअर सर्किट तक पहुंच गया। लगातार गिरावट के कारण निवेशकों की चिंता बढ़ गई है। हालांकि, यह सिर्फ शुरुआती गिरावट है। मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, नए शेयरों में शुरुआती दिनों में उतार-चढ़ाव सामान्य बात होती है।
वेदांता ऑयल एंड गैस लिमिटेड के प्लान
जहां एक तरफ शेयर में गिरावट दिख रही है, वहीं दूसरी तरफ कंपनी अपने भविष्य को लेकर काफी आक्रामक नजर आ रही है। वेदांता ऑयल एंड गैस ने अगले 3 से 5 सालों में करीब 5 अरब डॉलर निवेश करने की योजना बताई है। कंपनी का लक्ष्य उत्पादन बढ़ाकर 5 लाख बैरल प्रतिदिन तक पहुंचाना है। इसके अलावा कंपनी शेल गैस, टाइट ऑयल, डीप-वॉटर और अन्य ऊर्जा प्रोजेक्ट्स पर भी फोकस कर रही है। यानी कंपनी लंबी अवधि की ग्रोथ पर दांव लगा रही है।
अनिल अग्रवाल ने क्या कहा?
वेदांता समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने हाल ही में शेयरधारकों को भेजे संदेश में कहा कि Cairn का कारोबार पिछले कुछ वर्षों में काफी मजबूत हुआ है। उनके मुताबिक, कंपनी ने अपने रिजर्व बढ़ाए हैं और प्राकृतिक गैस पोर्टफोलियो को भी मजबूत बनाया है। कंपनी का मानना है कि स्वतंत्र इकाई बनने के बाद उसके पास तेजी से विस्तार करने और अधिक मूल्य बनाने का मौका होगा।
वेदांता डीमर्जर के बाद बाकी कंपनियों का क्या हाल रहा?
वेदांता की सभी नई कंपनियों का प्रदर्शन एक जैसा नहीं रहा। जहां ऑयल एंड गैस और एल्युमिनियम मेटल (Vedanta Aluminium Metal) में बिकवाली देखने को मिली, वहीं वेदांता आयरन एंड स्टील (Vedanta Iron & Steel) में निवेशकों ने अच्छी खरीदारी दिखाई। वेदांता पावर के शेयर (Vedanta Power Share) में भी मजबूती नजर आई। यानी बाजार फिलहाल हर बिजनेस को अलग नजरिए से देख रहा है और निवेशकों की पसंद भी अलग-अलग दिखाई दे रही है।
वेदांता शेयर में गिरावट क्या खतरे की घंटी है?
मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, किसी नए लिस्ट हुए शेयर में शुरुआती दिनों की गिरावट को सीधे खतरे की घंटी नहीं माना जा सकता। कई बार लिस्टिंग के बाद शेयर कुछ समय तक दबाव में रहते हैं और बाद में स्थिर होते हैं। निवेशकों को सिर्फ दो दिन की गिरावट देखकर घबराने के बजाय कंपनी के कारोबार, भविष्य की योजना और सेक्टर की संभावनाओं पर भी नजर रखनी चाहिए। अगर आपके पास डीमर्जर के जरिए Vedanta Oil & Gas के शेयर आए हैं, तो जल्दबाजी में फैसला लेने से बचें। शेयर के प्रदर्शन के साथ-साथ कंपनी की ग्रोथ रणनीति और आने वाले तिमाही नतीजों पर भी ध्यान देना जरूरी है। बाजार में नई लिस्टिंग के बाद उतार-चढ़ाव सामान्य है। इसलिए निवेश से पहले अपनी जोखिम क्षमता और निवेश अवधि को ध्यान में रखना सबसे जरूरी कदम है।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सूचनात्मक उद्देश्यों (Informational Purposes) के लिए है और इसे निवेश सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। किसी भी स्टॉक में पैसा लगाने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार (Financial Advisor) या मार्केट एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें।


