ONGC Share Future: मोदी सरकार ने तेल कंपनियों के लिए 'रॉयल्टी' की दरों में भारी कटौती कर दी है, जिससे ONGC और Oil India जैसी कंपनियों का मुनाफा बढ़ना तय है। इसी खबर के दम पर आज मार्केट खुलते ही ONGC का शेयर 4.5% से ज्यादा उछलकर ₹294 के पार पहुंच गया। जानिए अगला टारगेट क्या है... 

ONGC Share Price Target: आज, 12 मई को शेयर बाजार में अगर किसी सेक्टर की सबसे ज्यादा चर्चा है, तो वह ऑयल सेक्टर (Oil Sector) है। खासकर सरकारी दिग्गज कंपनी ONGC के शेयरों में आज जैसी तेजी देखी जा रही है, उसने निवेशकों के चेहरे पर मुस्कान ला दी है। मंगलवार को शेयर बाजार खुलते ही ONGC के शेयरों में करीब 4.5% से ज्यादा का उछाल आया और भाव ₹296 के पार निकल गया। लेकिन सवाल यह है कि क्या यह तेजी बस आज के लिए है या खेल अभी बाकी है? आइए समझते हैं कि सरकार ने ऐसा क्या किया है कि ONGC के शेयर 'रॉकेट' बन गए हैं और इसका अगला टारगेट क्या है...

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ONGC: क्यों शेयरों में आई तूफानी तेजी?

सरकार ने तेल निकालने वाली कंपनियों (Upstream Companies) के लिए 'रॉयल्टी' कम कर दी है। दरअसल, ONGC जैसी कंपनियां जमीन या समुद्र से तेल निकालने के बदले सरकार को एक फीस देती हैं। इसे 'रॉयल्टी' कहते हैं। सरकार ने गहरे समुद्र (Deepwater) और मुश्किल इलाकों से तेल निकालने पर लगने वाली इस रॉयल्टी को घटा दिया है। रॉयल्टी कम होने का मतलब है कि कंपनी का खर्चा कम होगा और मुनाफा (Profit) बढ़ेगा। बस इसी 'गुड न्यूज' की वजह से निवेशक इस शेयर पर टूट पड़े हैं।

सिर्फ ONGC नहीं, Oil India भी रेस में आगे

सरकार के इस फैसले का असर सिर्फ ONGC पर नहीं, बल्कि OIL (Oil India) पर भी दिख रहा है। जहां ONGC ₹294 के पास ट्रेड कर रहा है, वहीं ऑयल इंडिया के शेयर में तो 7% से ज्यादा की तेजी देखी गई और यह ₹488.80 के स्तर पर पहुंच गया।

ONGC Share: ब्रोकरेज हाउस और एक्सपर्ट्स की क्या है राय?

बाजार के जानकारों का मानना है कि पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी का यह फैसला गेम-चेंजर साबित हो सकता है। Tradingview के अनुसार, 32 से ज्यादा मार्केट एक्सपर्ट्स ने इस शेयर का एनालिसिस किया है। ज्यादातर एक्सपर्ट्स ने इसे 'स्ट्रॉन्ग बाय' की रेटिंग दी है। कुछ बड़े एनालिस्ट्स का मानना है कि अगर तेजी जारी रही, तो यह शेयर ₹400 के लेवल को भी छू सकता है। हालांकि, एवरेज टारगेट ₹305 के आसपास देखा जा रहा है।

आम निवेशकों के लिए क्या है सलाह?

भारत अपनी जरूरत का 85% तेल बाहर से खरीदता है। ऐसे में देश के अंदर तेल उत्पादन बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता है। PM मोदी का भी फोकस है कि हम अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए खुद पर निर्भर बनें। इसका सीधा फायदा आने वाले समय में सरकारी तेल कंपनियों को ही मिलेगा।

डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सूचनात्मक उद्देश्यों (Informational Purposes) के लिए है और इसे निवेश सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। किसी भी स्टॉक में पैसा लगाने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार (Financial Advisor) या मार्केट एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें।