Vedanta Shares Performance: वेदांता ऑयल शेयर में लोअर सर्किट क्यों लगा? वेदांता आयरन एंड स्टील 5% क्यों उछला? डीमर्जर के बाद वेदांता शेयरों का ट्रेंड कैसा है? क्या वेदांता की नई कंपनियां आगे भी वोलैटाइल रहेंगी? बाजार तेजी में भी वेदांता शेयर क्यों दबाव में रहे?
Vedanta Share Price Today: दिग्गज कारोबारी अनिल अग्रवाल (Anil Agarwal) के नेतृत्व वाले वेदांता ग्रुप (Vedanta Group) के मोस्ट अवेटेड डीमर्जर (Demerger) की आज शेयर बाजार में फाइनल एंट्री हो गई है। सोमवार को बाजार की रिकॉर्ड तेजी के बीच वेदांता ग्रुप की 4 नई डिमर्ज्ड कंपनियों ने शेयर बाजार में कदम रखा। हालांकि, लिस्टिंग के पहले ही दिन निवेशकों को मिला-जुला रिस्पॉन्स देखने को मिला है। जहां एक तरफ ग्रुप की तेल कंपनी वेदांता ऑयल एंड गैस लिमिटेड (Vedanta Oil and Gas Ltd) में लिस्टिंग के तुरंत बाद लोअर सर्किट लग गया, वहीं दूसरी तरफ वेदांता आयरन एंड स्टील लिमिटेड (Vedanta Iron and Steel Ltd) ने बाजी मारते हुए 5% से ज्यादा की छलांग लगा दी। आइए जानते हैं किस शेयर ने फायदा और किसने नुकसान करवाया...

Vedanta Iron and Steel Share: 5% से ज्यादा का बंपर उछाल
डीमर्जर के बाद लिस्ट हुई कंपनियों में आज सबसे शानदार प्रदर्शन वेदांता आयरन एंड स्टील लिमिटेड का रहा। इस शेयर ने बाजार के पॉजिटिव सेंटीमेंट का पूरा फायदा उठाया। ₹20 के भाव पर डेब्यू करने के बाद, यह शेयर देखते ही देखते 5.3 प्रतिशत की मजबूती के साथ ₹21.06 पर पहुंच गया। इस ब्लॉक में शुरुआती निवेशकों को पहले ही दिन अच्छा रिटर्न मिला है।
Vedanta Aluminium Metal Share: गिरावट के बाद भी बना 'ग्रुप का कोहिनूर'
ग्रुप की सबसे बड़ी और फ्लैगशिप कंपनी वेदांता एल्युमिनियम मेटल लिमिटेड की लिस्टिंग तो धमाकेदार रही, लेकिन यह ऊपरी स्तरों को संभाल नहीं सकी। ₹522 के भाव पर लिस्ट होने के बाद सुबह करीब 10:10 बजे यह शेयर 4.7 प्रतिशत की कमजोरी के साथ ₹497.70 पर ट्रेड कर रहा था। हालांकि, इस मामूली गिरावट के बावजूद वैल्यूएशन के लिहाज से निवेशकों की पहली पसंद यही कंपनी बनी हुई है।
Vedanta Oil and Gas Share: खुलते ही लगा 5% का लोअर सर्किट
लिस्टिंग के पहले ही दिन ग्रुप के ऑयल एंड गैस वर्टिकल को तगड़ा झटका लगा है। वेदांता ऑयल एंड गैस लिमिटेड का शेयर ₹38 पर लिस्ट हुआ था, लेकिन इसके तुरंत बाद बिकवाली के दबाव के चलते इसमें 5 प्रतिशत का लोअर सर्किट लग गया और यह ₹36.10 के भाव पर आ गया। लोअर सर्किट लगने की वजह से इस शेयर में कुछ समय के लिए ट्रेडिंग थम गई।
Vedanta Power Share: मामूली कमजोरी के साथ लाल निशान में
पावर सेक्टर से जुड़ी ग्रुप की नई इकाई वेदांता पावर लिमिटेड की शुरुआत भी सुस्त रही। यह शेयर ₹41.80 के भाव पर लिस्ट हुआ था, जिसके बाद इसमें शुरुआती मुनाफावसूली देखी गई। सुबह के कारोबार में यह अपने लिस्टिंग प्राइस से 1.9 प्रतिशत टूटकर ₹41.00 के स्तर पर कारोबार करता हुआ नजर आया।
Vedanta Share: पैरेंट शेयर में भी दिखा हल्का दबाव
इन चार नई कंपनियों को अलग करने के बाद बची हुई मूल कंपनी, यानी वेदांता लिमिटेड के शेयरों पर भी आज नजर रही। रीस्ट्रक्चरिंग के बाद यह शेयर 0.6 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ ₹305.35 पर ट्रेड कर रहा था। एक्सपर्ट्स का मानना है कि डीमर्जर के बाद मूल कंपनी के शेयर प्राइस का री-एडजस्ट होना स्वाभाविक है।
वेदांता का डीमर्जर क्यों हुआ और एक्सपर्ट्स क्या कह रहें?
अनिल अग्रवाल ने वेदांता ग्रुप के एल्युमिनियम, ऑयल एंड गैस, पावर और आयरन-स्टील बिजनेस को अलग-अलग कंपनियों में इसलिए बांटा ताकि हर बिजनेस अपनी स्वतंत्र मैनेजमेंट टीम और कैपिटल एलोकेशन के साथ काम कर सके। मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि 'अलग-अलग लिस्टिंग से कंपनियों के कामकाज में पारदर्शिता आएगी। अब इन्वेस्टर्स अपनी पसंद के सेक्टर (जैसे सिर्फ मेटल या सिर्फ ऑयल) में सीधे पैसे लगा सकेंगे। इससे 'कॉन्ग्लोमरेट डिस्काउंट' (Conglomerate Discount) कम होगा, जिससे लॉन्ग टर्म में वेदांता के वैल्यूएशन को मजबूती मिलेगी।'
आज शेयर बाजार का हाल, सेंसेक्स 1000+ पॉइंट्स भागा
वेदांता के शेयरों में मचे इस घमासान के बीच शेयर बाजार में जबरदस्त तेजी देखी जा रही है। सुबह के कारोबार में BSE सेंसेक्स 1,080 अंक (1.4%) की बढ़त के साथ और NSE निफ्टी 320 अंक (1.35%) की तेजी के साथ ट्रेड कर रहा था। बाजार की इस तेजी के पीछे अमेरिका और ईरान के बीच एक अस्थायी शांति समझौते (Tentative Peace Agreement) की खबरें हैं, जिससे कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट आई है और महंगाई की चिंता कम हुई है।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सूचनात्मक उद्देश्यों (Informational Purposes) के लिए है और इसे निवेश सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। किसी भी स्टॉक में पैसा लगाने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार (Financial Advisor) या मार्केट एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें।


