
बिजनेस डेस्क। वेणुगोपाल धूत (Venugopal Dhoot) ने वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज (Videocon Industries) की कंपनियों को दिवालिया प्रकिया से बचाने के लिए कर्जदाताओं (Lenders) के सामने धारा-12A के तहत बकाया चुकाने का प्रस्ताव रखा है। उन्होंने कहा है कि कर्जदाता बैंक अगर इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (IBC) से बचा लेते हैं, तो वे 15 से 18 साल के भीतर 31,289 करोड़ रुपए का कर्ज चुका देंगे। बता दें कि वेणुगोपाल धूत की 15 कंपनियां साल 2017 से दिवालिया प्रक्रिया के तहत हैं। धूत इससे बचना चाहते हैं।
रिजर्व बैंक ने प्रस्ताव किया था खारिज
वेणुगोपाल धूत ने कर्ज चुकाने का प्रस्ताव कमेटी ऑफ क्रेडिटर्स (CoC) के सामने रखा है। कर्जदाता बैंक उनके इस प्रस्ताव पर 30 से 60 दिनों के भीतर कोई फैसला ले सकते हैं। बता दें कि धूत ने साल 2017 में भी कर्जदाताओं के सामने 30,000 करोड़ रुपए चुकाने का प्रस्ताव रखा था। उस वक्त इस प्रस्ताव को मंजूर कर लिया गया था, लेकिन बाद में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया था। तब से धूत की कंपनियां दिवालिया प्रक्रिया में अटकी हुई हैं।
धूत को प्रस्ताव स्वीकार होने का भरोसा
धूत ने कर्जदाताओं को यह प्रस्ताव धारा-12A के तहत दिया है। उन्हें इस बात का भरोसा है कि इस बार उनका प्रस्ताव स्वीकार कर लिया जाएगा। हालांकि, इसके लिए कर्जदाताओं और राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (NCLT) का सहमत होना जरूरी है। पहले भी आईबीसी (IBC) के तहत कॉरपोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया (CIRP) शुरू होने के बाद वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज के बोर्ड को निलंबित कर दिया गया था। बता दें कि वेणुगोपाल धूत वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज के निलंबित बोर्ड के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक थे।
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