
मुंबई: भारतीय रुपया गुरुवार को शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 70 पैसे लुढ़ककर 74.96 के स्तर पर आ गया। देश में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों और अर्थव्यवस्था पर इसके असर के मद्देनजर निवेशकों ने तेजी से बिकवाली की, जिसका नकारात्मक असर रुपये पर देखने को मिला।
स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले बढ़कर 169 हो गए हैं।
विदेशी फंड के लगातार बाहर जाने से बढ़ी चिंता
कारोबारियों के मुताबिक, निवेशकों में बेचैनी हैं क्योंकि दुनिया के दूसरे देशों के साथ ही घरेलू अर्थव्यवस्था भी कोरोना वायरस महामारी के कारण गहरे संकट में घिरती हुई दिख रही है। इस बीमारी के चलते दुनिया भर में लगभग 9,000 लोगों की मौत हो चुकी है और लाखों लोग बीमार हैं।
उन्होंने कहा कि घरेलू इक्विटी बाजार में तेज गिरावट और विदेशी फंड के लगातार बाहर जाने से कारोबारियों की चिंता और बढ़ी है। इन हालात के बीच अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया पिछले सत्र के मुकाबले 70 पैसे की कमजोरी के साथ 74.96 के स्तर पर खुला। रुपया बुधवार को डॉलर के मुकाबले 74.26 पर बंद हुआ था।
रुपया और कमजोर होगा
रेलीगेयर ब्रोकिंग में धातु, ऊर्जा तथा मुद्रा शोध की उपाध्यक्ष सुगंधा सचदेवा ने कहा, ‘‘स्थानीय मुद्रा को 74.50 के करीब एक महत्वपूर्ण समर्थन हासिल है और इसके टूटने पर रुपया और कमजोर होगा। अर्थव्यवस्था में गिरावट और कोरोना वायरस महामारी के चलते घरेलू मुद्रा के लिए व्यापक रुझान कमजोर बने रहेंगे।’’
शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक विदेशी निवेशक भारतीय पूंजी बाजारों में शुद्ध विक्रेता बने हुए हैं और बुधवार को उन्होंने बाजार से 5,085.35 करोड़ रुपये से अधिक निकाले।
(यह खबर समाचार एजेंसी भाषा की है, एशियानेट हिंदी टीम ने सिर्फ हेडलाइन में बदलाव किया है।)
(फाइल फोटो)
व्यापार समाचार: Read latest business news in Hindi, Investment News, Insurance News, Personal Finance Tips & Budget News Live Updates at Asianet Hindi News