
बिजनेस डेस्कः भारत में लोग सरकार के नियमों और सुविधाओं को लेकर कई बार जानकारी नहीं रखते हैं। सरकार द्वारा दी गई सेवाओं और सुविधाओं की अगर सही जानकारी हो तो देश से भ्रष्टाचार खत्म हो जाए। जनता को अपने फायदे वाली कुछ स्कीमों का पता होना चाहिए। ऐसे ही सरकार सीनियर सिटिजन्स को बहुत सी रियायतें देती है। इसमें कुछ सेवाएं ऐसी हैं जो बुजुर्गों की जिंदगी आसान बना सकती हैं लेकिन हम इनकी कोई जानकारी नहीं रखते और इन सुविधाओं से वंचित रह जाते हैं। तो अगर आपके घर में भी दादा-दादी, नाना-नानी हैं या आपके घर में कोई भी उम्रदराज शख्स है तो ये खबर जरूर पढ़ें। इसलिए हम आपको सीनियर सिटिजन्स को मिलने वाली सरकारी सुविधाओं के बारे में बताएंगे.....
कौन होते हैं सीनियर सिटिजन
भारत में सीनियर सिटीजन्स को दो श्रेणियों में बांटा गया है। जिन व्यक्तियों की उम्र 60 से 79 वर्ष के बीच हैं उनको ‘सीनियर सिटीजन्स’कहा जाता है। जिनकी उम्र 80 वर्ष से अधिक है उनको सुपर सीनियर सिटीजन्स की श्रेणी में रखा जाता है।
बस किराये में भी कटौती
आपने बसों में सीनियर सिटिडन के लिए बस सीट रिजर्व देखी होंगी। बस यात्रा स्टेट गवर्नमेंट द्वारा सीनियर सिटीजन को बस में भी ऑफर के तौर पर डिस्काउंट दिया जाता है। इसलिए बसों में सीट उनके लिए पहले से ही रिजर्व रहती हैं। यहां तक कि मेट्रो में उनकी सीट रिजर्व रहती हैं।
सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम पर अधिक ब्याज
भारत के सीनियर सिटीजन्स को बैंकों में जमा धन पर अधिक ब्याज मिलता है। लोन सस्ते रेट पर मिल जाता है इसके अलावा सरकार की तरफ से इस तरह की विभिन्न स्कीम के रिटर्न पर टैक्स भी नहीं लगाया जाता है। पर क्या इससे पहले आपको ये पता था।
सरकारी अस्पतालों में मिलती है सुविधा
सीनियर सिटीजन को बैंक और अस्पतालों में भी कई प्रकार के डिस्काउंट दिये जाते हैं। जैसे कि सीनियर सिटीजन के लिए अस्पतालों में रजिस्ट्रेशन कराने के लिए और जांच कराने के लिए अलग से लाइन रहता है।
वृद्धावस्था पेंशन स्कीम
देश और प्रदेश की सरकारें वृद्ध लोगों को वृद्धावस्था पेंशन देतीं हैं। वर्तमान में दिल्ली की केजरीवाल सरकार 60-69 वर्ष तक के वृद्ध लोगों को हर माह 2000 रुपये और 70 साल से अधिक के वृद्धों के लिए 2500 रुपये हर महीने देती है। वहीं उत्तर प्रदेश सरकार अपने यहाँ 60 वर्ष से अधिक के वृद्धों को 800 रुपये हर महीने देती है।
मेडिकल बिल में छूट
सरकार ने सभी वरिष्ठ नागरिकों के लिए कैंसर, मोटर न्यूरॉन रोग, एड्स इत्यादि जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज पर होने वाले चिकित्सा खर्चों के लिए छूट सीमा को बढ़ा दिया है। अब वर्ष 60 से ऊपर के सभी वृद्ध जन आयकर अधिनियम की धारा 80 DDB के तहत ऊपर लिखी गयी बीमारियों के लिए 1 लाख रुपये तक के इलाज पर इनकम टैक्स में रिबेट ले सकते हैं। इन लोगों को अपनी कुल आय में से एक लाख रुपये की आय पर कर नहीं देना होगा।
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