
Jio Platforms IPO GMP Today: जियो प्लेटफॉर्म के आईपीओ का इंतजार कर रहे निवेशकों के लिए बड़ी खबर है। रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) की इस डिजिटल कंपनी का आईपीओ 21 अक्टूबर 2026 को खुलने जा रहा है। इश्यू का प्राइस बैंड ₹1,065 से ₹1,119 प्रति शेयर रखा गया है। लेकिन खुलने से पहले ही ग्रे मार्केट पर इसका तूफान देखने को मिल रहा है। इस शेयर का जीएमपी ₹206 चल रहा है। ऐसे में निवेशकों के मन में सबसे बड़ा सवाल है कि उन्हें एक लॉट पर कितना फायदा हो सकता है? क्या अभी IPO में पैसा लगाना सही रहेगा या लिस्टिंग तक इंतजार करना बेहतर होगा? आइए एक्सपर्ट्स से समझते हैं...
कब खुलेगा: 21 अक्टूबर (बुधवार)
कब बंद होगा: 23 अक्टूबर (शुक्रवार)
प्राइस बैंड: ₹1,065 से ₹1,119 के बीच
कम से कम निवेश: 1 लॉट के लिए ₹13,428 चाहिए होंगे।
कर्मचारियों को छूट: अगर आप जियो के कर्मचारी हैं, तो आपको हर शेयर पर ₹54 का डिस्काउंट मिलेगा।
लिस्टिंग कब होगी: 28 अक्टूबर को यह शेयर BSE और NSE पर लिस्ट हो जाएगा।
इस आईपीओ का प्राइस बैंड और तारीखें सामने आते ही ग्रे मार्केट में इसके भाव आसमान छूने लगे हैं। इसके एक लॉट में 12 शेयर रखे गए हैं। अगर लिस्टिंग वाले दिन तक यही ₹206 का प्रीमियम बना रहता है, तो आपको हर शेयर पर 206 रुपए का फायदा हो सकता है। इस तरह 1 लॉट का कुल मुनाफा (12 शेयर × ₹206) ₹2,472 तक हो सकता है। लेकिन ये सिर्फ एक अनुमान है। ग्रे मार्केट का भाव बदल सकता है और शेयर की असली लिस्टिंग कीमत इससे कम या ज्यादा हो सकती है। इसके अलावा, टैक्स और अन्य लागू चार्ज भी रिटर्न को प्रभावित कर सकते हैं।
ग्रे मार्केट में जियो प्लेयफॉर्म आईपीओ का जीएमपी ₹206 बताया गया है। Investorgain के मुताबिक, इससे पिछले दिन इसका जीएमपी ₹218 था। यानी एक दिन में इसमें ₹12 की कमी आई है। ये बदलाव इसलिए अहम है, क्योंकि निवेशक अक्सर GMP देखकर अंदाजा लगाने की कोशिश करते हैं कि IPO की लिस्टिंग कैसी रह सकती है।
कंपनी की योजना IPO से मिलने वाली रकम में से ₹27,500 करोड़ तक का इस्तेमाल अपनी प्रमुख सहायक कंपनी Reliance Jio Infocomm Ltd के कुछ कर्ज चुकाने के लिए करने की है। इसका मतलब है कि IPO से मिलने वाला पैसा सिर्फ कारोबार के विस्तार पर खर्च नहीं होगा, बल्कि समूह की सहायक कंपनी के कर्ज का बोझ कम करने में भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, कंपनी के डिजिटल कारोबार का विस्तार, टेलीकॉम नेटवर्क में निवेश और सस्ती इंटरनेट सेवाएं देने की रणनीति इसके विकास में मदद कर सकती हैं। लॉन्ग टर्म के नजरिए से एक्सपर्ट्स IPO पर विचार करने की बात कही है। टेलीकॉम के साथ AI, क्लाउड और एंटरप्राइज सर्विसेज जैसे सेक्टर्स में भी कंपनी के लिए मौके हो सकते हैं। हालांकि, जानकारों ने वैल्यूएशन यानी शेयर की कीमत और बाजार के जोखिमों पर भी ध्यान देने की सलाह दी है। इसलिए आवेदन से पहले कुछ सवालों पर ध्यान देना चाहिए। क्या आप लॉन्ग टर्म के लिए निवेश करना चाहते हैं? क्या कंपनी की कीमत उसके कारोबार और ग्रोथ के हिसाब से सही लगती है? क्या आप लिस्टिंग पर नुकसान होने का जोखिम उठा सकते हैं? क्या IPO में पैसा लगाने के बाद भी आपके पास जरूरत के खर्चों के लिए पर्याप्त रकम बचेगी? इन सवालों के जवाब मिलने के बाद ही अपनी निवेश रणनीति तय करना चाहिए।
डिस्क्लेमर: ये आर्टिकल सिर्फ सामान्य जानकारी (Information) के उद्देश्य से लिखा गया है। इसे किसी भी शेयर या आईपीओ में पैसा लगाने की सलाह न समझें। ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) सिर्फ एक अनुमान होता है, जो बाजार की स्थिति के हिसाब से बदल सकता है। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों (Market Risks) के अधीन है। आईपीओ (IPO) या किसी भी शेयर में पैसा लगाने से पहले कंपनी के फंडामेंटल्स को समझें और अपने सर्टिफाइड वित्तीय सलाहकार (Financial Advisor) से सलाह जरूर लें।
अर्थव्यवस्था, बजट, स्टार्टअप्स, उद्योग जगत और शेयर मार्केट अपडेट्स के लिए Business News in Hindi पढ़ें। निवेश सलाह, बैंकिंग अपडेट्स और गोल्ड-सिल्वर रेट्स समेत पर्सनल फाइनेंस की जानकारी Money News in Hindi सेक्शन में पाएं। वित्तीय दुनिया की स्पष्ट और उपयोगी जानकारी — Asianet News Hindi पर।