अमेरिका में महंगाई 41 साल के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची, रहना-खाना हुआ महंगा, बिजली और गैस के इस्तेमाल में भी घाटा

Published : Jul 14, 2022, 09:51 AM ISTUpdated : Jul 14, 2022, 09:54 AM IST
अमेरिका में महंगाई 41 साल के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची, रहना-खाना हुआ महंगा, बिजली और गैस के इस्तेमाल में भी घाटा

सार

अमेरिका में महंगाई का स्तर 41 साल के रिकॉर्ड लेवल पर है। रहना, खाना, बिजली, गैस और कई चीजें महंगी हो गई हैं। पिछले महीने में भी महंगाई बढ़ी थी, लेकिन जून के महीने में पिछले महीने कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स में 9.1% की बढ़ोतरी हुई है।  

बिजनेस डेस्कः अमेरिका जैसे मजबूत देश में भी महंगाई लगातार बढ़ रही है। जून 1981 के बाद से महंगाई सबसे तेज सालाना दर से बढ़ी है। वहां महंगाई 41 साल के रिकॉर्ड स्तर पर है। गैस, किराया, खाने के सामानों के दाम बढ़ने से ऐसा हुआ है। ब्यूरो ऑफ लेबर स्टैटिस्टिक्स ने महंगाई के आंकड़े जारी किए हैं। जून में कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) 9.1% की तेजी से बढ़ा है, जो पिछले साल की तुलना में कहीं ज्यादा है। मई में सीपीआई 8.6% बढ़ी थी। महीने में इसके बढ़ने की गति 1.3% है। 

अमेरिका में क्या हैं हालात

  • जून में फूड प्राइस में 1% की बढ़ोतरी।
  • जून में शेल्टर कॉस्ट 0.6% और रेंटल कॉस्ट 0.8% बढ़ी।
  • एनर्जी प्राइस महीने में 7.5% और साल में 41.6% बढ़े।
  • नए और पुराने वाहनों के प्राइस 0.7% और 1.6% बढ़े हैं।
  • इलेक्ट्रिसिटी कॉस्ट महीने में 1.7% और साल में 13.7% बढ़ी।
  • गैसोलीन प्राइज महीने में 11.2% और साल में 60% बढ़े हैं।
  • फूड और एनर्जी प्राइस जैसे वोलेटाइल आइटम को छोड़कर कोर CPI महीने में 0.7% और साल में 5.9% बढ़ी है।

क्या है अमेरिका में बढ़ती महंगाई की वजह
जानकारों के मुताबिक महंगाई बढ़ने के अमूमन दो कारण होते हैं। सप्लाई कम होना या डिमांड का बढ़ जाना। लेकिन अमेरिका में महंगाई बढ़ने के इनके अलावा भी कई कारण बताए जा रहे हैं। व्हाइट हाउस के अधिकारियों का कहना है कि कीमतों के बढ़ने का कारण रूस-यूक्रेन जंग है। यह भी देखने की बात है कि उस हमले से पहले फरवरी में ही महंगाई बढ़नी शुरू हो गई थी। महंगाई पर थोड़ी लगाम लग सके, इसको लेकर जो बाइडेन ने गैस स्टेशनों को कीमतों में कटौती लाने का आह्वान किया है। 

अमेरिका में डिमांड-सप्लाई गैप
अमेरिका में बढ़ रही महंगाई का दूसरा कारण डिमांड और सप्लाई में गैप का होना है। दरअसल, अमेरिका में तेजी से वैक्सीनेशन हुई है। इस वजह से इकोनॉमी में तेजी से सुधार हुआ। इसी सुधार की वजह से डिमांड काफी बढ़ गई है। लेकिन सरकार के पैकेज वगैरह से उपभोक्ताओं को राहत मिली। कोरोना में जिन लोगों की नौकरी गई, उन्हें भी इस पैकेज ने काफी मदद की। इन कारणों से मार्केट में डिमांड बढ़ गई। इकोनॉमी सुधरा तो डिमांड बढ़ी लेकिन सप्लाई का स्तर नहीं बढ़ सका। अब सप्लाई नहीं हुई तो डिमांड और सप्लाई में गैप बन गया, जिस कारण महंगाी बड़ गई। 

यह भी पढ़ें- प्लास्टिक बैनः घर में मौजूद प्लास्टिक के सामानों को लकड़ी से बने इन 30 आइटम से करें रिप्लेस

PREV

व्यापार समाचार: Read latest business news in Hindi, Investment News, Insurance News, Personal Finance Tips & Budget News Live Updates at Asianet Hindi News

Recommended Stories

10X10 के कमरे से शुरू करें ये 5 बिजनेस, Day-1 से होगी खूब कमाई!
ALERT! सिर्फ एक कॉल और सालों की कमाई साफ, जानें इंश्योरेंस स्कैम से कैसे बचें