
Kanohar Electricals IPO Review: पावर ट्रांसमिशन और इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट बनाने वाली कंपनी कनोहर इलेक्ट्रिकल्स का ₹1,055 करोड़ का आईपीओ दांव लगाने के लिए खुल चुका है। 8 सितंबर को पहले ही दिन ग्रे मार्केट में शेयर पर 31% का बंपर प्रीमियम दिख रहा है, जिससे निवेशकों को प्रति लॉट करीब ₹4,500 के मुनाफे की उम्मीद नजर आ रही है। अगर आप भी इसमें पैसा लगाने की सोच रहे हैं, तो अप्लाई करने से पहले इस इश्यू की 5 बड़ी बातों को समझ लें।
कंपनी ने आईपीओ के लिए ₹601 से ₹632 प्रति शेयर का प्राइस बैंड रखा है। ग्रे मार्केट को ट्रैक करने वाले प्लेटफॉर्म्स के मुताबिक, कनोहर इलेक्ट्रिकल्स का शेयर ₹196 के प्रीमियम (करीब 31%) पर ट्रेड कर रहा है। इसका अपर प्राइस बैंड ₹632 है। इस तरह आज के जीएमपी के अनुसार, संभावित लिस्टिंग भाव ₹828 हो सकता है। 1 लॉट का साइज 23 शेयर है। इस हिसाब से प्रति लॉट संभावित मुनाफा (23 × ₹196) करीब ₹4,508 हो सकता है। हालांकि, इस बात का ध्यान रखें कि ग्रे मार्केट का भाव अनऑफिशियल होता है और बाजार के मूड के साथ बदलता रहता है, इसे गारंटीड रिटर्न न मानें।
आईपीओ खुलते ही निवेशकों की तरफ से अच्छा रिस्पॉन्स देखने को मिला है। शुरुआती घंटों (सुबह 10:30 बजे) में ही कुल इश्यू 25% सब्सक्राइब हो गया। इसमें नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) का कोटा 36% और आम रिटेल निवेशकों का कोटा 34% भर चुका है। इस आईपीओ के शेयर 16 सितंबर को BSE और NSE पर लिस्ट होंगे।
अगर आप रिटेल कोटे में बोली लगाना चाहते हैं, तो कम से कम एक लॉट (23 शेयर) के लिए अप्लाई करना होगा। अपर प्राइस बैंड ₹632 के हिसाब से आपको ₹14,536 का निवेश करना पड़ेगा। इस आईपीओ में 35% हिस्सा आम खुदरा निवेशकों के लिए, 50% हिस्सा बड़े संस्थागत खरीदारों (QIB) के लिए और 15% NII के लिए रिजर्व है।
पब्लिक के लिए इश्यू खुलने से ठीक पहले कंपनी ने 42 बड़े देशी-विदेशी एंकर निवेशकों से ₹316.72 करोड़ जुटा लिए हैं। इनमें एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस (HDFC Life), एलियांज ग्लोबल इन्वेस्टर्स, एचएसबीसी (HSBC) और अशोका व्हाइटओक जैसे दिग्गज नाम शामिल हैं। बड़े फंड्स का आना कंपनी के बिजनेस मॉडल पर भरोसा दिखाता है।
कुल ₹1,055.74 करोड़ के आईपीओ में से ₹300 करोड़ का फ्रेश इश्यू (नया शेयर) है और ₹756 करोड़ का ऑफर फॉर सेल (OFS) है। फ्रेश इश्यू के ₹300 करोड़ में से कंपनी ₹64.1 करोड़ अपनी गगोल फैसिलिटी में नई मशीनरी खरीदने, ऑटोमेशन और कंस्ट्रक्शन पर खर्च करेगी। ₹155 करोड़ रोजमर्रा के कामकाज (वर्किंग कैपिटल) की जरूरतों को पूरा करने में लगाएगी। बाकी रकम जनरल कॉर्पोरेट खर्चों के काम आएगी।
मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, कंपनी का एंकर बुक काफी मजबूत है, ग्रे मार्केट में 31% का हेल्दी प्रीमियम मिल रहा है और कंपनी पावर इंफ्रास्ट्रक्चर के बढ़ते सेक्टर में काम करती है, जो निवेशक लिस्टिंग गेन (शुरुआती मुनाफा) के लिए रिस्क ले सकते हैं, उनके लिए यह एक अच्छा विकल्प साबित हो सकता है। हालांकि, OFS का बड़ा हिस्सा (₹756 करोड़) प्रमोटर ट्रस्ट के पास जाएगा, इसलिए लॉन्ग टर्म के लिए फैसला लेने से पहले कंपनी के तिमाही नतीजों पर नजर रखना बेहतर रहेगा।
डिस्क्लेमर: ये आर्टिकल सिर्फ सामान्य जानकारी और सूचना के उद्देश्य से लिखा गया है। GMP भाव अनऑफिशियल होता है और बाजार के मूड के साथ बदलता रहता है, इसे गारंटीड रिटर्न न मानें। शेयर बाजार और आईपीओ में निवेश जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश या बोली लगाने से पहले अपने फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह जरूर लें।
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