
LEAP India Share Price: LEAP इंडिया का आईपीओ आज, 14 अगस्त को शेयर बाजार (NSE) में एंट्री कर चुका है। जिन निवेशकों ने लिस्टिंग वाले दिन छप्परफाड़ कमाई की उम्मीद लगाई थी, उन्हें थोड़ा मायूस होना पड़ा है। कंपनी के शेयर की लिस्टिंग ठीक-ठाक रही, लेकिन कोई बहुत बड़ा धमाका नहीं हुआ। ₹159 के इश्यू प्राइस वाला यह शेयर 4.34% के छोटे से मुनाफे के साथ ₹165.9 पर लिस्ट हुआ। इस लिस्टिंग के बाद कंपनी की कुल वैल्यू (मार्केट कैप) ₹7,308 करोड़ हो गई है। बाजार ने कंपनी के बिजनेस को मान तो लिया है, लेकिन शेयर को बहुत ज्यादा भाव देकर खरीदा नहीं है। अब जिन लोगों के पास ये शेयर हैं या जो इसे अब खरीदने की सोच रहे हैं, उनके मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि जो शेयर पहले से ही इतना महंगा है, क्या उसमें आगे इसमें कमाई का मौका मिलेगा? आइए जानते हैं क्या कर रहे एक्सपर्ट्स...
आईपीओ का प्राइस (IPO Price)- ₹151 से ₹159 प्रति शेयर
लिस्टिंग प्राइस (Listing Price)- ₹165.9 प्रति शेयर
लिस्टिंग पर मुनाफा (Gain)- 4.34%
प्रीमियम मार्केट कैप (Market Cap)- ₹7,308 करोड़
लिस्टिंग के बाद P/E रेश्यो- 117.23 गुना
मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, लिस्टिंग के बाद शेयर का P/E रेश्यो (Price-to-Earnings Ratio) 117.23 हो गया है। सीधे शब्दों में कहें, तो इस कंपनी से ₹1 का प्रॉफिट कमाने के लिए निवेशक ₹117 से ज्यादा चुका रहे हैं। कागजों पर देखने में यह शेयर बहुत ज्यादा महंगा लगता है। लेकिन, यहां एक ट्विस्ट है। LEAP India का काम ऐसा है, जिसमें बहुत सारा पैसा एसेट्स (लॉजिस्टिक्स के सामान) में लगता है। इसलिए कागजों पर दिखने वाला प्रॉफिट थोड़ा कम लगता है, जबकि कंपनी के हाथ में जो असली कैश आता है (Cash Earnings), वो बेहतर है। भारत में शेयर बाजार में इस जैसी कोई दूसरी कंपनी लिस्टेड नहीं है, इसलिए इसकी तुलना किसी और से नहीं कर सकते। कुल मिलाकर बात ये है कि निवेशक इस शेयर के लिए इतना ज्यादा पैसा सिर्फ इसलिए दे रहे हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि कंपनी फ्यूचर में बहुत तेजी से ग्रो कर सकती है।
शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स: मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, सिर्फ 4% की लिस्टिंग गेन मिली है। अगर आप शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव और रिस्क को झेल सकते हैं, तभी इसमें दांव लगाएं।
मीडियम-टर्म इन्वेस्टर्स: मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, ऐसे निवेशकों को नजर रखनी होगी कि कंपनी आगे कितना रेवेन्यू कमाती है और उनका बिजनेस कितनी तेजी से बढ़ता है।
लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टर्स: मार्केट एक्सपर्ट्स कहते हैं कि अगर आपको लगता है कि भारत में लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन का फ्यूचर बहुत ब्राइट है और LEAP India इस मार्केट की लीडर बनी रहेगी, तो आप इसे होल्ड कर सकते हैं।
सेफ खेलने वाले इन्वेस्टर्स (कंजर्वेटिव): अगर आपको सस्ते और सुरक्षित शेयर पसंद हैं, तो यह शेयर आपके लिए नहीं है। 117 के P/E वाले शेयर में अगर कंपनी की ग्रोथ थोड़ी भी कम हुई, तो शेयर धड़ाम से गिर सकता है।
हर तिमाही के नतीजे (Quarterly Results): सिर्फ प्रॉफिट न देखें, ये भी देखें कि कंपनी के हाथ में कैश कितना आ रहा है।
कर्ज (Debt): आईपीओ से पहले कंपनी पर 1,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का कर्ज था। देखना होगा कि ये कर्ज आगे कितना कम होता है।
लॉक-इन पीरियड (Lock-in Expiry): जब बड़े निवेशकों का लॉक-इन पीरियड खत्म होगा, तो वे अपने शेयर बेच सकते हैं। उस समय शेयर की कीमत पर दबाव आ सकता है।
सामान का इस्तेमाल (Asset Utilisation): कंपनी के पास जो सामान (Pallets) किराए पर देने के लिए है, क्या उसकी डिमांड लगातार बनी हुई है या नहीं।
डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ सामान्य जानकारी के लिए है। इसे निवेश की सलाह न मानें। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। किसी भी शेयर में पैसा लगाने से पहले अपने फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह जरूर लें।
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