
Lenskart Share Price: लेंसकार्ट सॉल्यूशनंस (Lenskart Solutions) के शेयरों में गुरुवार को शुरुआती कारोबार में करीब 5% की तेजी देखने को मिली। कंपनी के Q1 FY27 नतीजों में मजबूत ग्रोथ, बेहतर मार्जिन और इंटरनेशनल बिजनेस की अच्छी परफॉर्मेंस ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया। लेकिन शेयर पर नजर रखने वाले बड़े ब्रोकरेज हाउस अब भी इसकी प्रीमियम वैल्यूएशन को लेकर सावधानी बरत रहे हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि लेंसकार्ट का शेयर आगे और भागेगा या अब प्रॉफिट बुकिंग का समय आ गया है? आइए जानते हैं ब्रोकरेज हाउस क्या कह रहे हैं...
गुरुवार के शुरुआती कारोबार में लेंसकार्ट का शेयर करीब ₹615.75 पर पहुंच गया, जो पिछली क्लोजिंग प्राइस से करीब 5% ऊपर था। इससे पहले बुधवार को रिजल्ट से एक दिन पहले शेयर 0.47% फिसला था। हालांकि, इस साल शेयर ने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया है। 2026 में अब तक शेयर करीब 33.4% चढ़ चुका है, जबकि इसी दौरान निफ्टी-50 में करीब 6.5% की गिरावट आई है। कंपनी का मार्केट कैप भी करीब ₹1.02 लाख करोड़ के आसपास पहुंच गया है। यही वजह है कि Q1 रिजल्ट के बाद शेयर में आई तेजी के साथ अब वैल्यूएशन को लेकर बहस भी तेज हो गई है।
लेंसकार्ट के पहली तिमाही के प्रदर्शन को ब्रोकरेज हाउस ने कुल मिलाकर मजबूत बताया है। खासकर कंपनी के मार्जिन में सुधार और इंटरनेशनल बिजनेस की बेहतर प्रॉफिटेबिलिटी ने बाजार का ध्यान खींचा है। कंपनी के प्रदर्शन में बेहतर एवरेज सेलिंग प्राइस, प्रोडक्ट मिक्स, इन-हाउस मैन्युफैक्चरिंग और ऑपरेटिंग लेवरेज जैसे फैक्टर्स का फायदा देखने को मिला। यानी सिर्फ बिक्री बढ़ने की कहानी नहीं है। कंपनी अपने बिजनेस से कमाई और मार्जिन को भी बेहतर करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
जेफरीज ने ₹680 का दिया टारगेट
लेंसकार्ट पर सबसे ज्यादा बुलिश नजरिया ब्रोकरेज फर्म जेफरीज का है। ब्रोकरेज ने शेयर पर Buy रेटिंग बरकरार रखते हुए टारगेट प्राइस बढ़ाकर ₹680 प्रति शेयर कर दिया है। बुधवार के बंद भाव के मुकाबले यह करीब 16% की संभावित तेजी का संकेत देता है। जेफरीज ने लेंसकार्ट के Q1 प्रदर्शन को मजबूत बताया है। ब्रोकरेज के मुताबिक कंपनी ने अच्छी ग्रोथ के साथ मार्जिन में भी तेज सुधार दिखाया है। खास बात यह है कि जेफरीज को कंपनी के सामने डिमांड की कमी बड़ी समस्या नहीं लगती। उसके मुताबिक इस समय सप्लाई ज्यादा बड़ी बाधा (Constraint) है। जेफरीज ने लेंसकार्ट के करीब 70,000 आई टेस्ट (Eye Tests) रोजाना करने की क्षमता को भी कंपनी की मजबूत डिमांड का संकेत माना है। कंपनी के एंट्री-लेवल प्रोडक्ट की कीमत करीब ₹500 से शुरू होने की बात भी ब्रोकरेज ने हाईलाइट् की है। इसके साथ ही ग्राहकों के ज्यादा प्रीमियम प्रोडक्ट की तरफ जाने का ट्रेंड भी दिखाई दे रहा है। जेफरीज का एक और दिलचस्प अनुमान है। उसके मुताबिक, लेंसकार्ट का Meller ब्रांड लंबे समय में Ray-Ban जैसी मजबूत पहचान बना सकता है।
Citi का क्या कहना है?
ब्रोकरेज फर्म सिटी का नजरिया जेफरीज जितना बुलिश नहीं है। ब्रोकरेज ने लेंसकार्ट पर न्यूट्रल रेटिंग बरकरार रखी है और ₹650 का टारगेट प्राइस दिया है। सिटी ने भारत और इंटरनेशनल दोनों कारोबार में मजबूत ग्रोथ और प्रॉफिटेबिलिटी को स्वीकार किया है। उसके मुताबिक कंपनी के मार्जिन को कई चीजों से फायदा मिल रहा है। इनमें बेहतर एवरेज सेलिंग प्राइस, प्रोडक्ट मिक्स, खुद की मैन्युफैक्चरिंग और ऑपरेटिंग लेवरेज (Operating Leverage) शामिल हैं। लेकिन सिटी का मानना है कि लेंसकार्ट की ग्रोथ आगे भी मजबूत रह सकती है, खासकर नए स्टोर खुलने और नए ग्राहकों को जोड़ने से। मगर वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में कंपनी को पिछले साल के मजबूत बेस से मुकाबला करना होगा। यानी आगे ग्रोथ बनी रहती है या नहीं, यह बड़ा टेस्ट होगा। सिटी के मुताबिक, लेंसकार्ट का एक्जीक्यूशन मजबूत है, लेकिन शेयर की मौजूदा वैल्यूएशन में आने वाली ग्रोथ और मार्जिन सुधार का बड़ा हिस्सा पहले ही शामिल हो चुका है।
HSBC ने दी होल्ड की सलाह?
HSBC का नजरिया सबसे ज्यादा सावधान रहने वाला है। ब्रोकरेज ने लेंसकार्ट पर होल्ड रेटिंग बरकरार रखी है और इसका टारगेट प्राइस ₹575 रखा है। खास बात यह है कि यह टारगेट प्राइस शेयर के मौजूदा शुरुआती कारोबार भाव ₹615.75 से नीचे है। HSBC के मुताबिक, लेंसकार्ट का Q1 EBITDA अनुमान से करीब 8% ज्यादा रहा। इसमें इंटरनेशनल बिजनेस का योगदान अहम रहा, जबकि भारत का कारोबार ब्रॉडली एक्सपेक्टेशन के मुताबिक रहा। मजबूत इंटरनेशनल प्रदर्शन को देखते हुए HSBC ने FY27 और FY28 के EBITDA अनुमान में भी क्रमशः 6% और 5% की बढ़ोतरी की है। फिर भी ब्रोकरेज शेयर को लेकर पूरी तरह बुलिश नहीं है।
HSBC की सबसे बड़ी चिंता वैल्यूएशन है
ब्रोकरेज के मुताबिक Lenskart की प्रीमियम वैल्यूएशन में कंपनी की काफी संभावित ग्रोथ पहले ही शामिल हो चुकी है। HSBC ने FY30 के आधार पर लेंसकार्ट की EV/EBITDA वैल्यूएशन के 45 गुना तक होने की बात कही है। यही वह वजह है जिसकी वजह से मजबूत Q1 रिजल्ट के बावजूद ब्रोकरेज ने होल्ड की सलाह जारी रखी है। यानी समस्या कंपनी के मौजूदा बिजनेस प्रदर्शन में कम और शेयर की मौजूदा कीमत कितनी उचित है, इस सवाल में ज्यादा है।
डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी और सामान्य जागरूकता के उद्देश्य से है। इसमें दी गई जानकारी को किसी भी तरह की निवेश सलाह या शेयर खरीदने-बेचने की सिफारिश न माना जाए। शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश करने से पहले कंपनी की वित्तीय स्थिति, वैल्यूशन, अपने जोखिम प्रोफाइल का आकलन करें और सेबी रजिस्टर्ड इन्वेस्टमेंट एडवाइजर से सलाह जरूर लें।
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