
मेटा इस साल की पहली बड़ी छंटनी 20 मई को शुरू करने की योजना बना रहा है। रॉयटर्स ने मामले से जुड़े तीन सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी है। यह फैसला पिछले महीने हुई उस घोषणा के बाद आया है, जिसमें इस टेक दिग्गज ने अपने ग्लोबल स्टाफ में कम से कम 20% की कटौती करने का प्लान बताया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, छंटनी के इस पहले दौर में करीब 8,000 कर्मचारियों की नौकरी जा सकती है, जो कंपनी की कुल वर्कफोर्स का 10% है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2026 की दूसरी छमाही में भी छंटनी का एक और दौर देखने को मिल सकता है। हालांकि, इन कथित छंटनियों का सही समय और दायरा अभी साफ नहीं है। सूत्रों का कहना है कि CEO मार्क जकरबर्ग AI पर अरबों डॉलर का निवेश कर रहे हैं, इसलिए इस क्षेत्र में कंपनी की प्रगति के आधार पर प्लान बदल भी सकते हैं। मेटा ने अब तक इन छंटनियों की तारीख और संख्या को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।
एक सूत्र ने रॉयटर्स को बताया कि इस री-ऑर्गेनाइजेशन प्रोसेस के तहत कुछ कर्मचारियों को 'मेटा स्मॉल बिजनेस' में ट्रांसफर किया जाएगा। यह एक नया डिवीजन है जिसे पिछले महीने ही बनाया गया था। कैलिफोर्निया स्थित इस कंपनी की एक हालिया फाइलिंग के अनुसार, 31 दिसंबर, 2025 तक मेटा में करीब 79,000 कर्मचारी काम कर रहे थे।
टेक इंडस्ट्री में छंटनी का दौर लगातार जारी है। दुनियाभर में टेक कंपनियों में नौकरियों में कटौती को ट्रैक करने वाली वेबसाइट Layoffs.fyi के मुताबिक, इस साल अब तक 73,000 से ज्यादा कर्मचारी अपनी नौकरी खो चुके हैं।
मेटा में 2026 में होने वाली यह छंटनी 2022 के आखिर और 2023 की शुरुआत के बाद सबसे बड़ी मानी जा रही है। उस दौरान कंपनी ने 21,000 से ज्यादा कर्मचारियों को निकाला था। पिछली छंटनी जहां कोविड-19 महामारी के दौरान ग्रोथ के गलत अनुमानों और गिरते स्टॉक को संभालने के लिए की गई थी, वहीं इस बार की छंटनी का मुख्य कारण टेक की दुनिया में हो रहा AI ट्रांसफॉर्मेशन है।
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