8वें वेतन आयोग की सिफारिशें जनवरी 2026 से लागू होने की उम्मीद है। इससे केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन और भत्तों में बड़ी वृद्धि होगी। मिनिमम बेसिक सैलरी 34,500 से 41,000 तक हो सकती है, पेंशन भी बढ़ेगी।
8th Pay Commission: जनवरी 2026 तक देश में 8वें वेतन आयोग के लागू होने की उम्मीद है। इसका गठन जनवरी 2025 में हुआ था। इसके लागू होने से केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन ढांचे में बदलाव होगा। नया आयोग 7वें वेतन आयोग की जगह लेगा। यह दिसंबर 2025 तक लागू रहेगा।
1947 में आजादी मिलने के बाद से भारत में सात वेतन आयोग हुए हैं। इनमें से प्रत्येक ने सरकारी कर्मचारियों के वेतन, भत्ते और पेंशन को नया रूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। 8वें वेतन आयोग से वेतन संरचनाओं और पारदर्शिता में सुधार की उम्मीद है। आर्थिक रुझानों के अनुरूप मुआवजा मिलने की आशा है।
7वें वेतन आयोग की खास बातें
न्यूनतम मूल वेतन: 7000 रुपए से बढ़ाकर 18000 रुपए प्रति माह किया गया।
फिटमेंट फैक्टर: 2.57 पर सेट किया गया। इसका अर्थ है कि पुराने वेतन ढांचे से स्थानांतरण करते समय वेतन को इस फैक्टर से गुणा किया गया था।
भत्ते: महंगाई भत्ता (DA), मकान किराया भत्ता (HRA) और परिवहन भत्ता (TA) बढ़ाया गया।
पेंशन: न्यूनतम पेंशन 3,500 रुपए से बढ़ाकर 9,000 रुपए प्रति माह किया गया।
वेतन मैट्रिक्स: 19-स्तरीय वेतन मैट्रिक्स लागू हुआ। एक आसान चार्ट पेश किया गया। इससे वेतन प्रणाली में अधिक पारदर्शिता आई।
8वें वेतन आयोग से क्या हैं खास उम्मीदें?
न्यूनतम वेतन में वृद्धि: मूल वेतन बढ़कर 34,500 से 41,000 रुपए प्रति माह हो सकता है।
फिटमेंट फैक्टर: 2.86 तक बढ़ने की संभावना है। इससे सभी ग्रेडों में वेतन में वृद्धि होगी।
भत्ते: वर्तमान मुद्रास्फीति और जीवन-यापन लागत के अनुसार डीए, एचआरए और टीए की नई समीक्षा होगी।
पेंशन: नए मैट्रिक्स के अनुसार समय पर पेंशन दिया जाएगा।
प्रदर्शन-आधारित प्रोत्साहन: अच्छा काम करने वाले कर्मचारियों को प्रोत्साहित करने के लिए उत्पादकता-आधारित वेतन की शुरुआत हो सकती है।
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