
अहमदाबाद: उद्योग जगत के दिग्गजों में गौतम अदानी का नाम भी शुमार है। पिछले कुछ सालों में गौतम अदानी ने कई उतार-चढ़ाव और आलोचनाओं का सामना किया है। खासकर राजनीतिक गलियारों में अदानी का नाम बार-बार लिया जाता रहा है। हिंडनबर्ग रिपोर्ट समेत कई कारणों से अदानी के व्यापारिक साम्राज्य में उथल-पुथल मची थी। लेकिन इन setbacks से उबरते हुए अदानी ने अब एक ऐसा फैसला लिया है जिससे टाटा समेत कई प्रतिद्वंदी कंपनियां सकते में हैं। दरअसल, नए-नए उद्योगों में कदम रखने वाले अदानी समूह अब तांबे के कारोबार में उतर रहा है। ऑस्ट्रेलिया की BHP कंपनी के साथ 30,000 करोड़ रुपये के वार्षिक कारोबार की तैयारी चल रही है।
अदानी समूह प्रमुख उद्योगों में नंबर 1 के रूप में पहचाना जाता है। एयरपोर्ट प्रबंधन, बंदरगाह प्रबंधन, ऊर्जा क्षेत्र में अदानी कंपनी भारत ही नहीं, विदेशों में भी भारी निवेश कर व्यापार कर रही है। पिछले साल अदानी समूह ने सीमेंट क्षेत्र में भी कदम रखा था। अंबुजा सीमेंट और ACC सीमेंट कंपनी खरीदकर अदानी भारत की दूसरी सबसे बड़ी सीमेंट उत्पादक कंपनी बन गई है। अब अदानी समूह तांबे के कारोबार में भी उतर रहा है।
तांबे की मांग तेजी से बढ़ रही है। इलेक्ट्रिक वाहनों में तांबे का इस्तेमाल बढ़ रहा है। कीमती तांबे का कारोबार करने वाले अदानी समूह की कच्छ कॉपर इकाई ने ऑस्ट्रेलिया की BHP कंपनी के साथ महत्वपूर्ण बातचीत की है। अदानी समूह ने 30,000 करोड़ रुपये के वार्षिक तांबे की आपूर्ति के लिए बातचीत की है। सूत्रों का कहना है कि यह बातचीत सफल रही है। जल्द ही इस सौदे की आधिकारिक घोषणा होने की संभावना है। भारत में टाटा मोटर्स, महिंद्रा समेत कुछ प्रमुख कंपनियां इलेक्ट्रिक कारों के निर्माण में तांबे का इस्तेमाल कर रही हैं। इन कंपनियों को टक्कर देने के लिए अदानी समूह एक नया अध्याय लिखने को तैयार है।
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, दिसंबर 2025 तक तांबे की कीमतें दुनिया भर में बढ़ेंगी। तांबा एक बहुत महंगी धातु बन जाएगा। इस साल की शुरुआत में अदानी समूह ने गुजरात के मुंद्रा में कॉपर रिफाइनरी प्रोजेक्ट शुरू किया था। अब इस बड़े सौदे के साथ अदानी समूह तांबे के कारोबार में भारत की सबसे बड़ी कंपनी बनने की दहलीज पर है।
ऑस्ट्रेलिया की BHP कंपनी कई देशों को कॉपर सप्लाई करती है। BHP चिली, एरिजोना, अर्जेंटीना समेत कई देशों से तांबे का कारोबार करती है। भारत में हाल ही में तांबे की मांग बढ़ रही है, इसलिए अदानी समूह ने इस क्षेत्र में प्रवेश किया है। इससे भारत के उद्योग जगत में एक नया अध्याय शुरू हो रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि 2025 तक एक टन तांबे की कीमत 10,000 अमेरिकी डॉलर हो जाएगी। इस दौरान भारत में अदानी कंपनी एक नया मील का पत्थर स्थापित कर सकती है।
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