
Adani Group-Hindenburg report: सुप्रीम कोर्ट ने अडानी ग्रुप पर हिंडनबर्ग रिपोर्ट में लगे आरोपों की जांच के लिए सेबी द्वारा की जा रही जांच के लिए छह महीने की मोहलत देने से इनकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि जांच के लिए समय बढ़ाया जाएगा लेकिन छह महीना नहीं। कोर्ट ने साफ किया कि वह तीन महीने का एक्सटेंशन दे सकता है। हालांकि, जांच के लिए और मोहलत देने के लिए याचिका पर सुनवाई 15 मई को होगी।
सेबी को चाहिए छह महीने का और वक्त जांच को पूरा करने के लिए
सुप्रीम कोर्ट ने बीते दो मार्च को सेबी को अडाणी-हिंडनबर्ग मामले की जांच करने और दो महीने के भीतर रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया था। लेकिन सेबी ने अभी तक अपनी जांच पूरी नहीं की है। सेबी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर बताया है कि उसे जांच को पूरी करने के लिए छह महीने का और समय चाहिए। 12 मई काे सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह छह महीने का समय नहीं देगा। हालांकि, कोर्ट ने जांच के लिए कुछ मोहलत देने की बात कही है। अब कोर्ट तीन दिन बाद 15 मई को फैसला लेगा कि वह कितना समय सेबी को और जांच के लिए देगा।
हिंडनबर्ग रिपोर्ट में लगे थे अडानी समूह पर धोखाधड़ी के आरोप
अमेरिकी रिसर्च फर्म हिंडनबर्ग रिसर्च ने उद्योगपति गौतम अडानी के नेतृत्व वाले अडानी समूह के खिलाफ धोखाधड़ी और शेयरों की कीमत में हेरफेर सहित कई आरोप लगाए थे। इसके बाद अदाणी समूह के शेयरों में तेज गिरावट आई थी। इस मामले को लेकर विपक्ष केंद्र सरकार पर सवाल उठा रही है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने संसद में पीएम मोदी और अडानी के रिश्तों को लेकर सवाल खड़े किए थे। विपक्ष ने अडानी ग्रुप पर लगे आरोपों की जांच के लिए जेपीसी गठित करने की मांग की है। बीता संसद सत्र इस मुद्दे की भेंट चढ़ गया। हालांकि, अडानी समूह ने आरोपों को झूठ बताते हुए खारिज किया है।
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