भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) चंद्रयान 3 मिशन की कामयाबी के बाद अब सूर्य पर स्टडी करने के लिए भारत का पहला सूर्य मिशन लॉन्च करने जा रहा है। इस सौर मिशन का नाम आदित्य L1 मिशन (Aditya-L1) है। जानतें हैं दुनियाभर के सूर्य मिशन के बारे में।
ISRO Solar Mission: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) चंद्रयान 3 मिशन की कामयाबी के बाद अब सूर्य पर स्टडी करने के लिए भारत का पहला सूर्य मिशन लॉन्च करने जा रहा है। इस सौर मिशन का नाम आदित्य L1 मिशन (Aditya-L1) है। इस मिशन को 2 सितंबर के दिन श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से लॉन्च किया जाएगा। भले ही ये भारत का पहला सूर्य मिशन है, लेकिन सूर्य पर स्टडी के लिए अब तक अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा, यूरोपीय स्पेस एजेंसी और जर्मन एयरोस्पेस सेंटर ने अलग-अलग और संयुक्त रूप से कुल 22 अंतरिक्ष मिशन भेजे हैं।
जानें सूर्य के लिए कौन-कौन से मिशन हुए लॉन्च?
दुनिया का पहला सूर्य मिशन 1959 से 1968 के बीच अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) ने लॉन्च किया था। नासा ने सबसे पहले पायोनियर-5 लॉन्च किया था। इसकी मदद से विंड और सोलर मैग्नेटिक फील्ड का पहला डिटेल मेजरमेंट किया गया था।
1970 के दशक में दो हेलिओस स्पेसक्राफ्ट और स्काईलैब अपोलो टेलीस्कोप अमेरिका-जर्मन के सहयोग से सूर्य पर पहुंचे थे। इनका उद्देश्य बुध ग्रह के ऑर्बिट के अंदर स्पेसक्राफ्ट ले जाने वाली ऑर्बिट से सोलर विंड की स्टडी करना था।
नासा ने 1980 में सोलर मैक्सिमम मिशन लॉन्च किया। ये मिशन स्पेसक्राफ्ट को हाय सोलर एक्टिविटी और सोलर फ्लेयर के समय सौर ज्वालाओं से गामा रेज़, एक्स-रे और यूवी रेडिएशन का परीक्षण करने के लिए डिजाइन किया गया था।
सोलर और हेलिओस्फेरिक ऑब्जर्वेटरी (SOHO) को यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी और नासा की तरफ से संयुक्त रूप से बनाया गया था। इसे 2 दिसंबर 1995 को लॉन्च किया गया।
2006 में नासा ने सोलर टेरेस ट्रायल रिलेशन ऑब्जर्वेटरी (STEREO) मिशन लॉन्च किया। इसकी मदद से सूर्य की अनदेखी तस्वीरें हासिल हुईं। इनकी मदद से सूर्य और सौर घटनाओं जैसे कॉरोनल मास इजेक्शन, इंटरप्लेनेटरी स्पेस में कणों के एक्सेलेरेशन के बारे में जानकारी मिली।
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