
Budget 2023: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस बार बजट में जैव विविधता को भी ध्यान में रखा है। साथ ही भारत की प्राचीन परंपराओं को संरक्षित करने के लिए प्राचीन शिलालेशों की डिजिटल लाइब्रेरी और म्यूजियम बनाने का भी प्राविधान किया है। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण में ऐलान किया कि देश की प्राचीन शिलालेखों का डिजिटलाइजेशन किया जाएगा साथ ही इनका एक डिजिटल म्यूजियम बनाया जाएगा जिसे दुनिया हमारी परंपराओं को जान सकेगी।
बजट में पहले चरण में एक लाख शिलालेखों का डिजिटलीकरण
सीतारमण ने भारत के प्राचीन शिलालेखों के संरक्षण के लिए सरकार के दृष्टिकोण के बारे में बताते हुए इसके डिजिटलीकरण के लिए बजट में प्राविधान के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि शिलालेखों के डिजिटल एपीग्राफी म्यूजियम के लिए पहले चरण में एक लाख प्राचीन शिलालेखों का डिजिटलीकरण किया जाएगा।
बजट में अमृत धरोहर योजना: वेटलैंड्स का होगा संरक्षण
बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि वेटलैंड के संरक्षण के लिए अमृत धरोहर योजना को लागू किया जाएगा। इससे वेटलैंड्स का सदुपयोग होगा साथ ही जैव विविधता को बढ़ावा मिल सकेगा। जैव विविधता के लिए अगले तीन वर्षों में अमृत धरोहर योजना लागू की जाएगी। उन्होंने कहा कि सतत विकास के लिए 2030 के एजेंडे को 2015 में संयुक्त राष्ट्र के सभी सदस्य देशों द्वारा अपनाया गया था। यह लोगों और धरती पर पर्यावरण संरक्षण, शांति और समृद्धि के लिए एक साझा खाका प्रदान करता है। उन्होंने बताया कि वैटलैंड्स एक महत्वपूर्ण इको सिस्टम है जो जैव विविधता को बनाए रखता है। उन्होंने बताया कि देश में रामसर साइटों की कुल संख्या बढ़कर 275 हो गई है जबकि 2014 से पहले यह केवल 26 थी।
सीतारमण ने कहा कि स्थानीय समुदाय आर्द्रभूमि के संरक्षण के प्रयासों में हमेशा सबसे आगे रहे हैं। सरकार अमृत धरोहर के माध्यम से उनके अद्वितीय संरक्षण मूल्यों को बढ़ावा देगी एक योजना जो अगले तीन वर्षों में आर्द्रभूमि के उपयोग को प्रोत्साहित करने और जैव विविधता, कार्बन स्टॉक, इको-टूरिज्म के अवसर और स्थानीय समुदायों के लिए आय सृजन को बढ़ाने के लिए लागू की जाएगी।
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