
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूसरे कार्यकाल का तीसरा अंतरिम बजट वित्त मंत्री निर्मला सीता रमण ने पेश किया है। इसमें कई महत्पूर्ण कदम उठाए गए हैं। सभी वर्गों और क्षेत्रों को कवर करने और विकास की राह में आगे बढ़ाने को लेकर बजट पेश किया गया है। हांलाकि इसमें कुछ लोग खुश हैं तो कुछ लोगों को निराशा हुई और वह बजट से नाराज हैं। सरकारी कर्मचारियों की भी कुछ उम्मीदें थी इस बजट से लेकिन उसे लेकर कोई भी घोषणा न होने से उनमें निराशा है।
अर्जित अवकाश बढ़ाने की थी चर्चा
सरकार का यह चुनावी साल होने के कारण सरकारी कर्मचारियों को उम्मीद थी कि इस बार का बजट उनके लिए कई सारे तोहफे लेकर आएगा लेकिन ऐसा कुछ हुआ नहीं। टैक्स स्लैब में कोई परिवर्तन न होने के साथ ही कर्मचारियों अर्जित अवकाश की संख्या बढ़ने की उम्मीद थी लेकिन उसे लेकर भी कोई घोषणा नहीं हुई। कर्मचारियों को बजट 2024 में आस थी कि उनके अर्जित अवकाश (Earn Leave) को 240 से बढ़ाकर 300 क कर दिया जाएगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ जिससे उनमें निराशा है।
बकाया डीए को लेकर कर रहे थे मांग
सरकारी कर्मचारियों का कोरोना काल डीए रिवाइज नहीं हुआ था। कर्मचारियों को जनवरी 2020 से जून 2021 तक महंगाई भत्ता नहीं मिला था। इसके बाद जुलाई 2021 से डीए को एक साथ 11 फीसदी बढ़ा दिया गया था, लेकिन एरियर नहीं दिया गया था। कर्मचारि बकाया 18 माह के डीए का एरियर की मांग कर रहे थे लेकिन बजट में इसे लेकर कोई घोषणा नहीं की गई।
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