
बिजनेस डेस्क. एक दौर था जब लोगों को उनकी सिबिल (CIBIL) अच्छी होने के बाद भी मुश्किल से क्रेडिट कार्ड मिलता था पर वर्तमान समय में बैंक व अन्य लोन एजेंसियां लोगों को पकड़-पकड़कर क्रेडिट कार्ड दे रही हैं। क्या आपने सोचा है कि अचानक ये परिवर्तन कैसे आया? दरअसल, बैंकों के लिए क्रेडिट कार्ड एक ऐसा प्रोडक्ट है जो उन्हें कम समय में लोन से भी ज्यादा कमाई करके देता है। क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करने वाले लोगों की जेब से पैसे बैंकों को जाते रहते हैं और लोग इस ओर ध्यान भी नहीं देते। आइए जानते इन चार्जेस के बारे में...
यूसेज चार्ज (Credit Card Usage Charge)
कई बैंक दावा करती हैं कि उनके क्रेडिट कार्ड पर कोई अतिरिक्त चार्ज नहीं लगता। यानी जितना पैसा आपने इस्तेमाल किया है वो एक तय समय में चुकाने पर चार्ज नहीं लगता। ये बात तो सही है पर यूसेज चार्ज के नाम पर कई बैंक अच्छी फीस वसूल लेती हैं। शुरुआत में कस्टमर्स से कहा जाता है कि क्रेडिट कार्ड बिलकुल फ्री है, शुरुआत में ऐसा होता भी है। लेकिन सालभर बाद कई बैंक यूसेज चार्ज काटने लगती हैं।
मिनिमम ड्यू चार्ज (Credit Card Minimum Due Charge)
अक्सर लोग क्रेडिट कार्ड से बड़ी राशि का इस्तेमाल करने के बाद उसे टुकड़ों में चुकाना पसंद करते हैं लेकिन वे उस अमाउंट की ईएमआई बनाना या तो भूल जाते हैं या उन्हें ईएमआई बनाने का ऑफर ही नहीं मिलता। ऐसे में रास्ता बचता है मिनिमम अमाउंट पे करने का, जिससे आपका क्रेडिट कार्ड चलता रहे। लेकिन इस मिनिमम ड्यू के बड़े नुकसान हैं, जो सामने नहीं बताए जाते। मिनिमम ड्यू पे करने पर बाकी बचे अमाउंट पर जबर्दस्त इंटरेस्ट और बाकी चार्ज लगते हैं। इन चार्ज के ऊपर जीएसटी भी लगाया जाता है।
लेट फीस (Credit Card Late Fees)
अगर आप क्रेडिट कार्ड की पेमेंट करने से चूक जाते हैं तो आपके क्रेडिट कार्ड पर लेट फीस लगाई जाती है। ये लेट फीस भी यूसेज चार्ज और मिनिमम ड्यू चार्ज की तरह आपको तबतक पता नहीं चलती जबतक आप क्रेडिट कार्ड का स्टेटमेंट नहीं खोलकर देखते। लेट फीस कम से कम 500 रु होती है जिसपर जीएसटी अतिरिक्त लगाया जाता है। यूसेज चार्ज हो, मिनिमम ड्यू चार्ज या लेट फीस ये सभी चार्ज कटने पर आपको कोई मैसेज नहीं आता है। क्रेडिट कार्ड में डेबिट और क्रेडिट ट्रांजेक्शन के साथ-साथ केवल बिल ड्यू की जानकारी ही एसएमएस के माध्यम से आती है। इसलिए अतिरिक्त चार्जों से बचने के लिए हमेशा क्रेडिट कार्ड का स्टेटमेंट अच्छी तरह से पढ़ें, ये सभी जानकारी क्रेडिट कार्ड के नियम व शर्तों में साफ लिखी होती हैं।
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