
बिजनेस डेस्क : आम आदमी पार्टी (AAP) नेता संजय सिंह (Sanjay Singh) को अरेस्ट करने के बाद एक बार फिर प्रवर्तन निदेशालय यानी ED चर्चा में है। पहली बार नहीं है जब ईडी (Enforcement Directorate ) ने किसी नेता पर कार्रवाई की है। इससे पहले भी कई नेता ईडी की रडार पर आ चुके हैं। यही कारण है कि ईडी के काम करने तरीके पर खूब चर्चा हो रही है। हालांकि, बहुत से लोग ED और CBI को लेकर कंफ्यूज हैं। अगर आप भी दोनों को ठीक तरह से नहीं जानते तो चलिए जानते हैं AAP नेता संजय सिंह को गिरफ्तार करने वाली ईडी, CBI से कितनी अलग है?
ईडी क्या है और यह कैसे काम करती है
ईडी यानी प्रवर्तन निदेशालय एक जांच एजेंसी है, जो मनी लॉन्ड्रिंग और विदेशी मुद्रा से जुड़े केस की जांच करती है। ईडी धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002(PMLA), विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम,1999 (FEMA), भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम, 2018 (FEOA), विदेशी मुद्रा विनियमन अधिनियम,1973 (FERA) कानून के लिए काम करती है।
ईडी का सबसे ऊंचा अधिकारी कौन होता है
ईडी में एक डायरेक्टर के साथ एक जॉइंट डायरेक्टर (AOD) होते हैं। इसके बाद 9 स्पेशल डायरेक्टर होते हैं, जो देश के अलग अलग जोन और हेडक्वार्टर, इंटेलिजेंस के आधार पर बांटे गए हैं। इनके नीचे भई कई जॉइंट डायरेक्टर और डेप्युटी डायरेक्ट ईडी में होते हैं। इसके बाद अलग-अलग रैंक के अधिकारी होते हैं।
इडी रेड कैसे डालती है
ईडी मनी लॉन्ड्रिंग जैसे केस की जांच करती है। किसी भी मामले में केस दर्ज कर ईडी जांच शुरू कर देती है। पकड़े गए आरोपी से जांच में शामिल अधिकारी ही पूछताछ करते हैं। पिछले साल 2022 में सुप्रीम कोर्ट ने भी ईडी की पावर को लेकर टिप्पणी करते हुए कहा था कि जरूरी नहीं है कि आरोपी को शिकायत की कॉपी दी जाए। उसे किस आरोप में गिरफ्तार किया जा रहा है, यह बताना ही काफई है। ईडी में जोन के आधार पर डायरेक्टर के फैसले के बाद केस की जांच और कार्रवाई होती है। सबसे पहले ईडी के अधिकारी समन जारी करते हैं। इसके बाद पूछताछ और समन में सहयोग न करने पर कार्रवाई की जाती है।
ईडी के अधिकारियों की सैलरी कितनी होती है
ईडी में कई पदों पर अलग-अलग भर्तियां की जाती हैं। सीनियरिटी, जोन और पद के आधार पर सैलरी दी जाती है। स्पेशल डायरेक्टर ऑफ एनफोर्समेंट की सैलरी 37,400 रुपए से लेकर 67,000 रुपए तक होती है। असिस्टेंट एनफोर्समेंट ऑफिसर को लेवल-7 की सैलरी 44,900 से लेकर 1,42,400 तक होती है।
CBI से कितनी अलग है ED
ईडी और सीबीआई दोनों ही केंद्र की जांच एजेंसियां हैं। दोनों एजेंसियों के पास रेड यानी छापा मारने का पावर है। हालांकि दोनों एजेंसियों के अधिकार अलग-अलग हैं। मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े केस ईडी देखती है और सीबीआई क्राइम से लेकर तमाम तरह की इंवेस्टिगेशन करती है।
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