
Gold Price in 2026: भारत में सोना हमेशा से सेफ इन्वेस्टमेंट माना जाता है। शादी-ब्याह हो या मुश्किल वक्त, गोल्ड हर भारतीय की पहली पसंद रहता है। यही वजह है कि जब भी सोने के दाम बढ़ते हैं, लोग तुरंत जानना चाहते हैं, आगे कीमतें कहां जाएंगी? 2024-25 में सोने ने जबरदस्त तेजी दिखाई है। इंटरनेशनल मार्केट में यह 4,187 डॉलर प्रति औंस के आसपास चल रहा है और इस साल करीब 60% उछाल दे चुका है। भारत में भी 10 ग्राम सोना करीब 1.30 लाख रुपए पर पहुंच गया है। शुक्रवार, 28 अक्टूबर की सुबह 1.26 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के आसपास है। अब सवाल है कि क्या 2026 में भी सोना इसी तरह उड़ान भरेगा? इस पर दुनिया की कई बड़े बैंक अपनी रिपोर्ट जारी कर चुकी हैं। आइए जानते हैं नए साल में भारत में सोने का रेट कहां तक पहुंच सकता है...
बैंक ऑफ अमेरिका (Bank of America) का मानना है कि आने वाले साल में गोल्ड करीब 19% और बढ़कर 5,000 डॉलर तक जा सकता है। अमेरिका का बढ़ता खर्च, बड़ी अर्थव्यवस्थाओं की उलझनें, इन्वेस्टर्स का गोल्ड की तरफ झुकाव, दुनिया भर के सेंट्रल बैंकों की भारी खरीद इसका कारण बन सकता है। बैंक का कहना है कि सोना अभी भी लॉन्ग टर्म पोर्टफोलियो में कम शामिल है, यानी आगे खरीद बढ़ सकती है।
ड्यूश बैंक (Deutsche Bank) भी सोने को लेकर पॉजिटिव है। बैंक का कहना है कि टॉप लेवल 4,950 डॉलर और औसत 4,450 डॉलर तक रह सकता है। इसके पीछे वजहें गोल्ड में निवेश का फ्लो अब स्थिर हो गया है, चार्ट्स में तेजी के संकेत और सेंट्रल बैंक और ETFs की मजबूत डिमांड हैं। लेकिन बैंक ने चेतावनी भी दी है, अगर शेयर बाजार बहुत गिरा या फेड ने कम रेट कट किए, तो सोने पर दबाव आ सकता है।
गोल्डमैन सैक्स भी सोने को लेकर काफी बुलिश है। उनके मुताबिक, सोना 4,900 डॉलर तक पहुंच सकता है। इसकी मुख्य वजहें दुनिया भर के सेंट्रल बैंकों की गोल्ड खरीद बढ़ना, अगले साल ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद, महंगाई और डॉलर की अनिश्चितता, निजी निवेशकों का सेफ एसेट की तरफ रुख है।
HSBC बाकी बैंकों की तुलना में थोड़ी सावधानी बरत रहा है। उनका अनुमान है कि गोल्ड की रेंज 2026 में 3,600-4,400 डॉलर रह सकती है। यह रेंज इसलिए थोड़ी कम है, क्योंकि आने वाले सालों में गोल्ड की सप्लाई बढ़ सकती है, फिजिकल खरीद थोड़ी कम हो सकती है और सेंट्रल बैंक ऊंचे दामों पर खरीद घटा सकते हैं। फिर भी बैंक का मानना है कि दुनिया में चल रही अनिश्चितता सोने को नीचे नहीं आने देगी।
गोल्ड के इंटरनेशनल दाम भारत में सीधे असर डालते हैं। अगर ग्लोबल बैंक्स के अनुमान सही रहें तो 2026 में भारत में सोना 1.45 लाख से 1.55 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकता है। कई मार्केट एक्सपर्ट्स इसे लॉन्ग टर्म के लिए अच्छा इन्वेस्टमेंट मानते हैं, क्योंकि दुनिया भर में अनिश्चितता बढ़ रही है, ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद है, सेंट्रल बैंकों की खरीद जारी है और सोना हमेशा से महंगाई से बचाव का सेफ एसेट रहा है।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दिए गए गोल्ड प्राइस अनुमान अलग-अलग ग्लोबल बैंकों की रिपोर्ट्स पर आधारित हैं। सोने की कीमतें समय के साथ बाजार की स्थितियों, अंतरराष्ट्रीय घटनाओं और आर्थिक नीतियों के अनुसार बदल सकती हैं। यह जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के उद्देश्य से है। इसे निवेश सलाह न समझें। किसी भी तरह का निवेश निर्णय लेने से पहले अपने फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह जरूर लें।
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