
नई दिल्ली। वाणिज्य मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि GeM (Government e-Marketplace) के चलते भारत सरकार को हर साल हजारों करोड़ रुपए की बचत हो रही है। इस 2016 में लॉन्च किया गया था। इसके बाद से अब तक सरकार को 45,000 करोड़ रुपए की बचत हुई है।
GeM सार्वजनिक खरीद के लिए भारत का ऑनलाइन बाजार है। सरकार द्वारा GeM से खरीद की जाती है। सरकारी योजनाओं के लिए भी इससे खरीद की जाती है। सरकारी विभागों, संगठनों और सार्वजनिक उपक्रमों के लिए पारदर्शी और कुशल खरीद की सुविधा के लिए 2016 में GeM लॉन्च किया गया था।
सरकार के पैसे बचा रही GeM
वाणिज्य मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, "GeM की सफलता की पहचान बचत के प्रति इसके समर्पण से हो रही है। इसकी मदद से 2016 से अब तक सरकार को 45,000 करोड़ रुपए से अधिक की बचत हुई है। GeM पोर्टल ने दक्षिण कोरिया के KONEPS और सिंगापुर के GeBIZ जैसे प्रसिद्ध सार्वजनिक खरीद प्लेटफार्मों को पीछे छोड़ दिया है।
CPSEs और संबद्ध निकायों सहित केंद्रीय खरीदारों ने 2022-23 में पोर्टल पर 100 करोड़ रुपए से अधिक की 70 से अधिक बोलियां जारी की हैं। GeM पर जुलाई 2023 तक करीब 65 लाख विक्रेता और 70,000 सरकारी खरीदार रजिस्टर्ड थे। इसकी सकल व्यापारिक मूल्य 4.5 लाख करोड़ रुपए से अधिक हो गई है।
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